जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने लुक्सर स्थित जिला जेल प्रशासन को नोटिस देकर कारागार परिसर में स्थापित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के सही उपयोग करने का निर्देश दिया है। पर्यावरण प्रेमी विक्रांत तोंगड़ ने आइजीआरएस के जरिए यूपीपीसीबी को कारागार से निकलने वाले जल को एसटीपी के जरिए सही तरीके से शोधित न किए जाने की शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए यूपीपीसीबी के अधिकारियों ने बीते 27 फरवरी को जिला कारागार का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कारागार परिसर में स्थापित एसटीपी में दूषित जल को सेटलिग के उपरांत उसका उपयोग कृषि भूमि की सिचाई में तथा रोड साइड ड्रेन में निस्तारित होता पाया गया। इसके अलावा एसटीपी की अन्य इकाइयों एरिएशन, ब्लोअर्स, फिल्टर्स आदि कार्यरत नहीं पाए गए तथा जिला कारागार से निकले कूड़े-कचरे का निस्तारण भी नियमानुसार नहीं पाया गया। ऐसे में दूषित जल को एसटीपी में सही तरीके से शोधित करने व कूड़े-कचरे को नियमानुसार निस्तारित करने के लिए यूपीपीसीबी ने कारागार प्रशासन को नोटिस दिया है। साथ ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर 15 दिनों के अंदर जवाब भी दाखिल करने को कहा है। इस संदर्भ में जिलाधिकारी को भी अवगत करा दिया गया है।

Posted By: Jagran

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