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यूपी ट्रेड शो: 75 जिलों के जायके से सजेगा हॉल नंबर 16, ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ का लगेगा तड़का

Published: Thu, 17 Sep 2026 12:52 PM (IST)

ग्रेटर नोएडा में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में इस बार स्वाद का तड़का लगेगा। हॉल ...और पढ़ें

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो। AI जनरेटेड

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो। AI जनरेटेड

HighLights

  1. यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 'एक जनपद-एक व्यंजन' पहल की शुरुआत।

  2. हॉल 16 में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के प्रसिद्ध व्यंजन उपलब्ध।

  3. स्थानीय खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलेगी।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआइटीएस) के चौथे संस्करण में इस बार स्वाद का तड़का भी लगेगा। पहली बार एक जनपद-एक व्यंजन को शामिल किया जा रहा है।

इसके लिए हाल नंबर 16 को पूरी तरह से फूड हाल के रूप में विकसित किया गया है। यहां प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रसिद्ध व्यंजनों और खानपान उत्पादों को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित किया जाएगा। खरीदार और निर्यातक न सिर्फ इन उत्पादों को देख सकेंगे, बल्कि इनका स्वाद भी ले सकेंगे।

बेकरी उद्योगों को भागीदारी का मौका मिला

बताया कि इसका मकसद जिले-जिले के पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। इस पहल में गौतमबुद्ध नगर के चार बेकरी उद्योगों को भी भागीदारी का मौका मिला है। इनमें हीरा स्वीट्स, बेकर्स वे, के-ओ क्लाक और रोटीवा फिट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ये जिले के बेकरी उत्पादों, मिठाइयों और पैकेज्ड फूड को प्रदर्शित करेंगे।

उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण ने बताया कि एक जनपद एक व्यंजन योजना के तहत हर जिले के यूनीक फूड प्रोडक्ट को ब्रांड के रूप में प्रमोट किया जा रहा है। जैसे आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, लखनऊ के कबाब और वाराणसी की चाट जैसे उत्पादों को हाल नंबर 16 में स्टॉल मिलेगा। इससे स्थानीय उद्यमियों को सीधे बड़े खरीदारों से जुड़ने का मौका मिलेगा और निर्यात के रास्ते खुलेंगे।

उन्होंने बताया कि यह हाल ट्रेड शो के दौरान सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहने वाला है, क्योंकि यहां बिजनेस के साथ-साथ स्वाद का संगम भी देखने को मिलेगा।

कन्नौज की कलावती गट्टे का भी मिलेगा स्वाद

यूपीआइटीएस में इस बार कन्नौज की कलावती गट्टे भी अपनी विशिष्ट मिठास, शुद्धता और पारंपरिक निर्माण शैली के बल पर लोगों के दिलों में स्थान बनाने का प्रयास करेगी।

गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ रही

वर्ष 1923 में स्थापित कलावती गट्टा भंडार ने उस समय एक ऐसी परंपरा की नींव रखी, जो आज चार पीढ़ियों के बाद भी उसी आत्मीयता और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ रही है।

बदलते दौर में जहां कई पारंपरिक व्यंजन समय के साथ विलुप्त हो गए, वहीं कलावती गट्टे ने अपनी मौलिक पहचान और पारंपरिक विधि को सहेजकर रखा। सक्षम गुप्ता ने कहा कि उनकी चौथी पीढ़ी इस व्यवसाय से जुड़ा हुआ है।