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UPITS-2026: मेडटेक में 970 करोड़ के निवेश से यूपी बनेगा वैश्विक हब, ग्रेटर नोएडा में दो कंपनियों ने किए MoU

Published: Sun, 27 Sep 2026 11:08 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस और मेडटेक क्षेत्र में 970 करोड़ रुपये के निवेश को बढ़ावा मिला है, जिससे राज्य वैश्विक हब बनने की ओर अग्रसर है।

फार्मा और मेडटेक स्ट्रैटेजिक सेशन में एमओयू के दौरान शामिल अधिकारी। सौ- जिम्स

फार्मा और मेडटेक स्ट्रैटेजिक सेशन में एमओयू के दौरान शामिल अधिकारी। सौ- जिम्स

HighLights

  1. मेडटेक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को मिला 970 करोड़ का निवेश।

  2. जिम्स इंक्यूबेशन सेंटर और इन्वेस्ट यूपी ने किए समझौता ज्ञापन।

  3. राज्य में मेडिकल डिवाइस निर्माण और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस और मेडटेक क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के साथ अस्पतालों में सामने आने वाली वास्तविक चिकित्सा जरूरतों को तकनीकी समाधान में बदलने की दिशा में नई पहल हुई है।

नालेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित यूपीआइटीएस-2026 में जिम्स के इंक्यूबेशन सेंटर और इन्वेस्ट यूपी की ओर से आयोजित फार्मा और मेडटेक स्ट्रैटेजिक सेशन में 970 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले दो समझौता ज्ञापन यूपी यीड़ा के साथ हस्ताक्षर किए गए।

इसमें मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में सुधीर श्रीवास्तव इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड ने 800 करोड़ रुपये और यूनिवलैब्स टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड ने 170 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया।

औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने वाला मॉडल

जिम्स निदेशक डा. बिग्रेडियर राकेश गुप्त ने बताया कि इस निवेश को प्रदेश में मेडिकल डिवाइस निर्माण, नवाचार और औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया।

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उन्होंने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश में फार्मा और मेडटेक के भविष्य का निर्माण: इनोवेशन, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक अवसर’ विषय पर आयोजित सत्र में जिम्स के इंक्यूबेंशन सेंटर के अस्पताल नवाचार इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया गया।

इसका प्रमुख संदेश रहा कि जहां वास्तविक चिकित्सा समस्या सामने आती है, वहीं से उसके समाधान की शुरुआत होनी चाहिए। अस्पताल से मिले क्लीनिकल इनपुट को डेटा और तकनीकी विशेषज्ञता से जोड़कर समाधान विकसित किया जाए।

UPITS MEDTECH

इसका वैलिडेशन हो और फिर निवेश व विनिर्माण के माध्यम से उसे बड़े स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था और वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाए। उत्तर प्रदेश में फार्मा, मेडिकल डिवाइस, हेल्थटेक और क्लीनिकल इनोवेशन के लिए ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना रहा।

उद्योग और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता

सत्र में उत्तर प्रदेश में फार्मा और मेडिकल डिवाइस उद्योग के लिए विकसित किए जा रहे औद्योगिक आधार पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने उद्योग और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके लिए अस्पतालों में मौजूद क्लीनिकल विशेषज्ञता को उद्योग की तकनीकी क्षमता और सरकार की नीतिगत एवं औद्योगिक सुविधाओं के साथ जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही।

सत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, इनवेस्ट यूपी की एसीईओ प्रेरणा शर्मा, यूपीसीडा की एसीओ दीक्षा जैन, मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं पूर्व डीसीजीआइ डा. जीएन सिंह, जिम्स केे इंक्यूबेशन सेंटर के सीईओ डा. राहुल सिंह मौजूद रहे।

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