यूपी रेरा के पोर्टल में बदलाव से घर खरीदारों को बड़ी राहत, अब 30 सितंबर से बिल्डरों की मनमानी पर लगेगी लगाम
यूपी रेरा ने घर खरीदारों को प्रोजेक्ट की सही और पारदर्शी जानकारी देने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
यूपी रेरा ने घर खरीदारों के लिए नई व्यवस्था शुरू की।
प्रमोटरों को डिजिटल हस्ताक्षरित प्रगति रिपोर्ट जमा करनी होगी।
आर्किटेक्ट, इंजीनियर, सीए प्रमाणपत्रों को सीधे अपलोड करेंगे।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। घर खरीदारों को प्रोजेक्ट की सही और पारदर्शी जानकारी देने के लिए यूपी रेरा ने नई व्यवस्था शुरू की है।
अब 30 सितंबर 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही से प्रमोटरों को त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (क्यूपीआर) के साथ आर्किटेक्ट, इंजीनियर और सीए के प्रमाणपत्र डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जमा करने होंगे। तभी क्यूपीआर अपलोड हो सकेगी।
अब तक क्या करते थे प्रमोटर?
अभी तक प्रमोटर खुद प्रगति दर्ज कर प्रमाणपत्रों की स्कैन कॉपी अपलोड करते थे, लेकिन रेरा 2.0 पोर्टल पर नई व्यवस्था में संबंधित प्रोफेशनल सीधे पोर्टल पर डिजिटल प्रमाणपत्र जमा करेंगे और उन्हीं प्रमाणित आंकड़ों से क्यूपीआर तैयार होगी।
यूपी रेरा ने इसके लिए मौजूदा पोर्टल पर सुविधा शुरू कर दी है। प्रमोटरों की मदद के लिए लखनऊ मुख्यालय और ग्रेटर नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय में हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे।
जल्द जारी होगी विस्तृत SOP
जल्द ही इस संबंध में विस्तृत एसओपी भी जारी की जाएगी। यूपी रेरा अध्यक्ष संजय आर. भूसरेड्डी ने कहा कि इससे प्रोजेक्ट की प्रगति की विश्वसनीय और प्रमाणित जानकारी मिलेगी और रेरा 2.0 पोर्टल पर बदलाव सुचारू रूप से हो सकेगा।
