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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का भव्य समापन; 90 देश, 2400 प्रदर्शक और ग्रेटर नोएडा बना वैश्विक व्यापार का नया हब

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:11 PM (GMT+05:30)

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें 90 ...और पढ़ें

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HighLights

  1. यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

  2. 90 देशों और 2400 से अधिक प्रदर्शकों ने इसमें हिस्सा लिया।

  3. ग्रेटर नोएडा वैश्विक व्यापार का नया शक्तिशाली केंद्र बना।

डिजिटल डेस्क, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट (आईईएमएल) में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का चौथा संस्करण मंगलवार शाम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। वर्ष 2023 में योगी सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल अब महज एक प्रदर्शनी नहीं रह गई है, बल्कि उत्तर प्रदेश के उद्योग, उद्यमिता, निर्यात और वैश्विक कारोबार को एक मंच पर लाने वाला सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुकी है। एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट, बेहतर एयर कनेक्टिविटी और आधुनिक लॉजिस्टिक्स के दम पर यह ट्रेड प्लेटफॉर्म यूपी के उत्पादों को सीधे वैश्विक आपूर्ति शृंखला (ग्लोबल सप्लाई चेन) से जोड़ रहा है।

'ब्रांड यूपी' को मिला वैश्विक बाजार का सीधा टिकट

राज्य सरकार ने ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद), एमएसएमई, स्टार्टअप और रोजगार को आर्थिक विकास की धुरी बनाया है। यूपीआईटीएस इसी रणनीति का वह मास्टरस्ट्रोक है, जिसने यूपी के हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टरों को सीधे विदेशी खरीदारों के सामने ला खड़ा किया है। वर्ष 2025 में जहां इस आयोजन ने 288 एमओयू (89 करोड़ रुपये) और 80 देशों की भागीदारी देखी थी, वहीं 2026 के चौथे संस्करण ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस साल 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 90 देशों और 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने हिस्सा लिया। वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे छह साझेदार देशों की मौजूदगी ने 'ब्रांड यूपी' की वैश्विक धाक को प्रमाणित किया है।

2003 की नींव से 2026 के विशालकाय विस्तार तक का सफर

वर्ष 2003 में इंडिया एक्सपो मार्ट की जिस आधारशिला को रखा गया था, वह आज एक विशालकाय ग्लोबल बिजनेस हब में तब्दील हो चुकी है। लगातार बढ़ती मांग के बीच परिसर ने अपनी क्षमता का जबरदस्त विस्तार किया है। मार्च 2024 तक जहां 14 प्रदर्शनी हॉल थे, वहीं 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 16 हो गई है। इसका ऑपरेशनल एरिया 17.87 प्रतिशत बढ़कर अब 76,484 वर्गमीटर हो चुका है। आज इस परिसर में हस्तशिल्प से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, फार्मा और औद्योगिक तकनीक जैसे दुनिया के प्रमुख सेक्टर एक ही छत के नीचे अपना कारोबार बढ़ा रहे हैं।

'लोकल से ग्लोबल': सालभर चलने वाली व्यावसायिक गतिविधि

यह ट्रेड कनेक्ट केवल पांच दिन के मेले तक सीमित नहीं है। इंडिया एक्सपो मार्ट के स्थायी मार्ट में 31 जुलाई 2026 तक 1,800 शो-रूम और 774 निर्यातकों की मौजूदगी दर्ज की गई है। 'मार्ट सोर्सिंग डेज' जैसे आयोजनों से विदेशी खरीदार और स्थानीय आपूर्तिकर्ता साल भर संपर्क में रहते हैं। डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए 'एक्सपो डिजिटल इंडे' और 'एक्सपोबाजार' जैसे प्लेटफॉर्म्स भी लॉन्च किए गए हैं, ताकि भारतीय उत्पाद ऑनलाइन ग्लोबल सप्लाई चेन का अटूट हिस्सा बन सकें।

अर्थव्यवस्था और रोजगार का मल्टीप्लायर इफ़ेक्ट

यूपीआईटीएस जैसे मेगा इवेंट्स का लाभ केवल प्रदर्शकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे इकोसिस्टम को रफ्तार देता है। इन आयोजनों से स्थानीय होटलों, परिवहन, कैटरिंग, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भारी मांग पैदा होती है। एक्सपो मार्ट ने प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ हजारों बाहरी सेवा प्रदाताओं के लिए भी आजीविका के नए दरवाजे खोले हैं।

भविष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए, इंडिया एक्सपो मार्ट ने हॉल संख्या 4 और 6 के नवीनीकरण तथा हॉल 18 के विकास की नई कार्ययोजना तैयार की है। 'मनी अल्फ़ा 360°' और 'भारत सस्टेनेबिलिटी एक्सपो' जैसे नए आयोजनों के साथ ग्रेटर नोएडा अब पूरी तरह से दुनिया का नया 'ग्लोबल बिजनेस डेस्टिनेशन' बनने के लिए तैयार है।