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ग्रेटर नोएडा: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में लापरवाही पड़ेगी भारी, अब लगेगा 10 गुना ज्यादा शुल्क

Published: Wed, 08 Jul 2026 08:41 AM (IST)

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के पंजीकरण में देरी करने पर अब 10 गुना तक अधिक शुल्क देना होगा, जबकि 21 दिन के भीतर यह निश्शुल्क रहेगा।

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HighLights

  1. 21 दिन के भीतर पंजीकरण अब पूरी तरह निश्शुल्क।

  2. देरी होने पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र शुल्क 10 गुना बढ़ा।

  3. दनकौर के 14 गांवों को 20 किमी दूर जाना पड़ रहा।

घनश्याम पाल, (बिलासपुर) ग्रेटर नोएडा। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में लपरवाही लोगों की जेब पर भारी पड़ेगी। सरकार ने पंजीकरण में देरी पर लगने वाले शुल्क को दस गुना तक बढ़ा दिया है। नए नियमों के अनुसार अब 21 दिन के अंदर सूचना देने पर प्रमाण पत्र निश्शुल्क मिलेगा। इसके बाद पंजीकरण कराने पर शुल्क देना पड़ेगा।

अभी तक 21 से 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराने पर पहले 2 रुपये लगते थे, अब 20 रुपये देने होंगे। 30 दिन से एक साल तक देरी पर शुल्क 5 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है।

एक साल बाद पंजीकरण कराने पर पहले 10 रुपये की बजाए 100 रुपये शुल्क देना होगा। एक साल से अधिक देरी होने पर जिला मजिस्ट्रेट या एसडीएम से अनुमति लेना भी अनिवार्य होगा।

14 गांवों के लोग काट रहे 20 किमी का चक्कर

दनकौर ब्लाक वर्षों पहले खत्म कर उसके तहत आने वाले 124 गांवों को तीन हिस्सों में बांट दिया गया था। इसके बाद तीन पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़ा से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के 40 गांव, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दनकौर से 28 गांव और यमुना प्राधिकरण के 41 गांवों का पंजीकरण होता है।

सबसे बड़ी समस्या जेवर ब्लाक के 14 गांवों को है। प्रशासनिक रूप से ये गांव जेवर ब्लाक में आते हैं, इसलिए इन्हें प्रमाण पत्र के लिए 20 किलोमीटर दूर जेवर ब्लाक कार्यालय जाना पड़ता है। गांवों में सीधी परिवहन सुविधा न होने से गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

वर्षों से मांग की जा रही है कि इन 14 गांवों को दनकौर या डाढ़ा पंजीकरण केंद्र से जोड़ा जाए। इस संबंध में शासन-प्रशासन को पत्र भी भेजा गया है।-

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अनिल भाटी, ग्रामीण

21 दिन के अंदर सूचना देना जरूरी है, नहीं तो विलंब शुल्क के साथ एफिडेविट और अन्य औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ेंगी। बढ़े हुए शुल्क और दूरस्थ केंद्रों के कारण ग्रामीणों पर दोहरी मार पड़ी है।

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-अशोक कुमार, रजिस्ट्रार दनकौर