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यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, Greater Noida में बनेगा रोबोटिक्स और AI हब; 1 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

Published: Tue, 27 Oct 2026 03:46 PM (IST)Updated: Tue, 27 Oct 2026 04:20 PM (IST)

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में 'प्रगति' रोबोटिक्स और एआई पार्क की स्थापना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।

HighLights

  1. ग्रेटर नोएडा में 'प्रगति' रोबोटिक्स और एआई पार्क को मंजूरी।

  2. एक लाख से अधिक रोजगार सृजन, ₹2000 करोड़ GVA का अनुमान।

  3. पीपीपी मॉडल पर विकसित होगा, स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा।

डिजिटल डेस्क, ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक, औद्योगिक नवाचार और रोबोटिक्स विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में ‘प्लेटफॉर्म फॉर रोबोटिक्स एंड एआई ग्रोथ थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन’ (PRAGATI) रोबोटिक्स पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।

लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह पार्क रोबोटिक्स कंपनियों, तकनीकी स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों को एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में स्वदेशी रोबोटिक्स विनिर्माण को प्रोत्साहित करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों के विकास को गति देना और रोबोटिक्स क्षेत्र में निवेश एवं अनुसंधान के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करना है।

परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का वार्षिक सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) होने का अनुमान है।

पीपीपी मॉडल पर विकसित होगा पार्क का पहला जोन

प्रगति रोबोटिक्स पार्क को दो जोन में विकसित किया जाएगा। जोन-1 के लिए आठ एकड़ भूमि निर्धारित की गई है, जिसका विकास और संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर गठित विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा।

इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इक्विटी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत और चयनित औद्योगिक साझीदार की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत होगी। जोन-2 के लिए 61.52 एकड़ भूमि आरक्षित की जाएगी। इस क्षेत्र में निजी उद्यमों द्वारा निवेश कर औद्योगिक इकाइयों और संबंधित गतिविधियों का विकास किया जाएगा। इस जोन के विकास के लिए राज्य सरकार पर कोई पूंजीगत दायित्व नहीं होगा।

सरकार और प्राधिकरण करेंगे वित्तीय सहयोग

जोन-1 के विकास के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा 21.1 करोड़ रुपये का इक्विटी अंशदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से 30 वर्षों के लिए 126.2 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

आठ एकड़ भूमि के लीज प्रीमियम के संबंध में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार राज्य सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के माध्यम से प्राधिकरण को प्रतिपूर्ति की जाएगी।

वहीं, जोन-2 में भूमि आवंटन विकास शुल्क से प्राप्त राजस्व का पांच प्रतिशत सेवा शुल्क एसपीवी को देय होगा, जिस पर लागू जीएसटी भी देय होगा।

गुणवत्ता आधारित होगी चयन प्रक्रिया

औद्योगिक साझीदार का चयन गुणवत्ता-आधारित चयन प्रक्रिया (क्यूबीएस) के माध्यम से किया जाएगा। इसके बाद एसपीवी का पंजीकरण, भूमि आवंटन, पट्टा विलेख का निष्पादन और निर्माण संबंधी कार्यवाही पूरी की जाएगी।

एसपीवी के पंजीकरण से 36 महीने के भीतर जोन-1 का वाणिज्यिक संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। आवश्यकता पड़ने पर यह अवधि अधिकतम 48 महीने तक हो सकेगी। परियोजना की प्रगति की निगरानी समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी।

एक ही परिसर में मिलेंगी रोबोटिक्स और एआई की अत्याधुनिक सुविधाएं

प्रगति रोबोटिक्स पार्क की विशेषता यह होगी कि यहां रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग, एआई कंप्यूट अवसंरचना, मोशन कैप्चर और डेटा प्रयोगशालाओं जैसी साझा सुविधाएं एक ही एकीकृत परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्टार्टअप और उद्यमियों को किफायती दरों पर अत्याधुनिक परीक्षण, प्रोटोटाइप तैयार करने और जीपीयू आधारित कंप्यूटिंग सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

इससे नए उत्पादों के विकास, तकनीकी प्रयोगों और नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, रोबोटिक्स उत्पादों के वैश्विक मानकों के अनुरूप परीक्षण एवं सीई/यूएल प्रमाणन संबंधी क्षमताओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा, आयात पर निर्भरता घटाने की पहल

रोबोटिक्स और एआई आधुनिक उद्योगों, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में रोबोटिक्स पार्क की स्थापना से स्वदेशी तकनीक और विनिर्माण क्षमता विकसित करने के अवसर बढ़ेंगे।

इससे आयात पर निर्भरता कम करने तथा घरेलू कंपनियों को वैश्विक बाजार के अनुरूप उत्पाद विकसित करने में मदद मिल सकती है। परियोजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं और कुशल तकनीकी कार्यबल को रोबोटिक्स, एआई, प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास के अवसर उपलब्ध होंगे।

पार्क से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों, स्टार्टअप और संबंधित मूल्य श्रृंखला के विस्तार के साथ लगभग एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

पूर्ण संचालन पर लगभग 2,000 करोड़ रुपये के वार्षिक सकल मूल्यवर्धन की संभावना के साथ प्रगति रोबोटिक्स पार्क उत्तर प्रदेश में तकनीक आधारित औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और नवाचार को गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बन सकता है।