नोएडा में गर्माया सियासी पारा: BJP के 17 प्रकोष्ठों में अध्यक्ष पद की होड़, युवाओं-महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता
भाजपा अगले सप्ताह तक जिला स्तर पर युवा, किसान और महिला मोर्चा सहित 17 प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की सूची जारी ...और पढ़ें

कमल के फूल पर वर्चस्व की जंग।
HighLights
भाजपा 17 जिला प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की सूची जारी करेगी।
2027 विधानसभा चुनाव के लिए युवा और महिलाओं को प्राथमिकता।
गौतमबुद्ध नगर में तीन गुटों के बीच खींचतान जारी।
धर्मेंद्र चंदेल, नोएडा। प्रदेश कार्यकारिणी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय टीम घोषित होने के बाद अब भाजपा ने अपना फोकस सीधे जिला और बूथ तक शिफ्ट कर दिया है। अगला टारगेट जिला स्तर पर गठित होने वाले विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्षों एवं अन्य पदाधिकारियों के चयन का है।
सूत्रों के मुताबिक आने अगले सप्ताह हर जिले में युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, महिला मोर्चा समेत 17 प्रकोष्ठों के जिलाध्यक्षों की सूची जारी हो जाएगी। इस पर मंथन चल रहा है।
यहीं से 2027 के विधानसभा चुनाव की असली पटकथा लिखी जाएगी। प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के लिए जो फार्मूला तय किया गया है, उसके मुताबिक जातीय समीकरणों को साधने के साथ युवा और महिलाओं को तरजीह मिलेगी।
वफादारी नहीं समीकरण चलेगा
पार्टी आलाकमान ने साफ निर्देश दिए हैं कि इस बार नियुक्ति सिर्फ वफादारी से नहीं, समीकरण से होगी। 18 से 35 वर्ष आयु के युवाओं की नाराजगी को संभालने के लिए संगठन में उनका ठीक-ठाक समायोजन हो सकता है।
पार्टी में युवा मोर्चा को फ्रंट पर लाने की तैयारी है। महिलाओं का समायोजन भी ठीक से होगा। हर जिले में कम से कम 2-3 अहम प्रकोष्ठ महिला मोर्चा, महिला उद्यमी प्रकोष्ठ, आईटी प्रकोष्ठ, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की कमान ऐसी महिलाओं को देने की तैयारी है, जो आगे बढ़कर काम कर सकें।
पिछड़ों मोर्चा में भी युवाओं को शामिल करने की तैयारी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह नियुक्तियां पोस्टर नहीं हैं, बल्कि 2027 के बूथ मैनेजर होंगी।
अंदरखाने खींचतान भी चरम पर
जैसे-जैसे प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की नियुक्ति की तिथि नजदीक आ रही है। वैसे-वैसे बीजेपी के अंदर का तापमान भी बढ़ रहा है। गौतमबुद्ध नगर में भाजपा में तीन गुट हैं। तीनों ही गुट अपने-अपने करीबियों को प्रकोष्ठों में पदाधिकारी बनाने में लगे हैं।
जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा व महानगर अध्यक्ष महेश चौहान तीनों गुटों के समायोजन की बात कह रहे हैं। बाजी किसके हाथ लगेगी, कौन सा गुट अधिक प्रभावी रहेगा। किसके अधिक पदाधिकारी बनेंगे, इसका पर्दा घोषणा के बाद ही उठेगा।
किसान मोर्चा और युवा मोर्चा होंगे अहम
पचिमी उप्र को गन्ना बेल्ट कहा जाता है, इसलिए चुनाव में किसान मोर्चा की अहम भूमिका होगी। यहीं कारण है कि किसान मोर्चा के अध्यक्ष पद के लिए भी रस्साकसी चल रही है।
युवा मोर्चा सबसे हाट है। अध्यक्ष बनने के लिए युवाओं की लंबी कतार है। सभी को संतुष्ट करना भाजपा के लिए चुनौती होगी। क्योंकि पार्टी जानती है कि 2027 के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
बूथ समिति से लेकर इंटरनेट मीडिया तक युवाओं की अहम भूमिका होगी। सड़क पर ताकत दिखाने, विरोध के जवाब के लिए तुरंत भीड़ उतारने, सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का जिम्मा, इन्हें के कंधों पर होगा।
यह युवा हैं दौड़ में
युवा मोर्चा व किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के लिए उमेश भाटी, ओमकार भाटी, अखिलेश नागर, चेतन वशिष्ठ, योगराज रावल, अमित भाटी, रिंकू भाटी, विपुल शर्मा, अनुज शर्मा, अर्पित गोयल, रिंकू तंवर, इंदराज खटाना व मुख्तानंद प्रधान आदि शामिल है।
