जागरण संवाददाता, नोएडा : साइबर क्राइम पुलिस ने आनलाइन शापिग वेबसाइट के फर्जी खाते बनाकर ठगी करने वाले दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वही बैंक खातों में जमा करीब 26 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया है।

नोएडा साइबर थाना प्रभारी विनोद पांडेय ने बताया कि आरोपितों को हरियाणा के हिसार जिले के उकसाना गांव स्थित घर से सोमवार को गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान अनिल उर्फ आलोक व सचिन के रूप में हुई है। आलोक बीएससी, जबकि सचिन 12वीं पास है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे वर्चुअल नंबर से ओटीपी लेकर अमेजन कंपनी के फर्जी नाम से अकाउंट बनाते थे। फिर उन अकाउंट से विभिन्न इलेक्ट्रानिक प्रोडक्ट के कोड लेकर उनका प्रीपेड आर्डर करते थे। उसके बाद दिए फर्जी पतों से उन आर्डर को लेकर उन्हें कम कीमतों पर दिल्ली की गफ्फार मार्केट, करोल बाग व दिल्ली-एनसीआर की अन्य दुकानों में बेच देते थे। इनका एक अन्य साथी अनिल नैन निवासी जिला हिसार अमेजन डिलीवरी एजेंट के साथ मिलकर फर्जी तरीके से पिक-अप डन दिखा देता था। इसके बाद आरोपित सारा पैसा अपने खातों में वापस ले लेते थे। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपित एक मोबाइल नंबर के वर्चुअल नंबर द्वारा 100 फर्जी अमेजन खाते बनाते थे व उनसे अलग-अलग बुकिग करते थे। फरार आरोपित अनिल नैन की तलाश जारी है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कोरोनाकाल में धंधा पड़ा मंदा, तो शुरू की ठगी : साइबर थाना निरीक्षक विनोद पांडे ने बताया की आरोपित अनिल नैन व अनिल बचपन के घनिष्ठ मित्र हैं। दोनों ने ही साइबर ठगी की पटकथा तैयार की थी। हरियाणा के उकसाना में गिरफ्तार आरोपित अनिल की मोबाइल दुकान व सचिन की वहीं पर गारमेंट दुकान है। कोरोनाकाल में दोनों का व्यापार ठप हो गया। इसके बाद तीनों मिलकर साइबर ठगी करने लगे। यू-ट्यूब से सीखी साइबर ठगी: पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया ये एक मोबाइल पर 100 वर्चुअल खाते बनाते थे। एक मोबाइल पर 100 वर्चुअल खाते बनाने की जानकारी के लिए इन्होंने यू-ट्यूब पर सर्च किया और उससे जानकारी लेते हुए खाते बनाकर अलग-अलग अकाउंट से इलेक्ट्रानिक सामान की खरीदारी करते थे। आरोपितों ने बताया कि जनवरी 2021 से अब तक वह लोग करीब दो करोड़ रुपये कमा चुके हैं। पुलिस इनके साथ गिरोह में शामिल करीब 8 से 10 अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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