जागरण संवाददाता, नोएडा : साइबर क्राइम टीम ने जाब वेबसाइट से बेरोजगारों का डाटा खरीदकर इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। साथ ही दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित खुद को इंडिगो कर्मी बताकर बेरोजगारों को झांसा देकर ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान गाजियाबाद निवासी राहुल और मेरठ निवासी कमल के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 11 मोबाइल, दो लैपटाप, 29 शीट कालिग डाटा व एक इंडिगो एयरलाइंस की फर्जी मुहर बरामद की है।

डीसीपी क्राइम अभिषेक का कहना है कि पुलिस को शिकायत मिली थी कि कुछ आरोपित इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये ठग रहे हैं। इस पर पुलिस ने दो आरोपितों को सेक्टर-6 के पास से गिरफ्तार किया है। यहां आरोपितों ने अपना कार्यालय बनाया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह क्विकर आदि जाब वेबसाइट से चोरी युवाओं का डाटा खरीदते थे। आरोपित एक युवक की जानकारी देने के एवज में पांच से दस रुपये देते थे। यह डाटा अलग-अलग लोगों से खरीदा जाता था। इसके बाद उनसे संपर्क कर इंडिगो एयरलाइन में नौकरी लगवाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन चार्ज, बांड चार्ज, सिक्योरिटी व फाइल चार्ज आदि बहानों से लाखों रुपये फर्जी बैंक खातों, फोनपे, पेटीएम वालेट में डलवाते थे। आरोपितों द्वारा प्रयोग सारे फर्जी बैंक खाते राजीव निवासी दिल्ली उपलब्ध कराता है। आरोपित इंडिगो एयरलाइंस की मुहर का प्रयोग कर नकली आफर लेटर बनाते थे और यही फर्जी मुहर लगाकर ईमेल भेजकर झांसा देते है। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

आरोपितों से बरामद फोन पर पीड़ितों ने बयां किया दर्द : आरोपितों ने हमीरपुर निवासी विपिन चंद्र से सात लाख व संत रविदास नगर निवासी विनय कुमार उपाध्याय से इंडिगो एयरलाइन में नौकरी दिलवाने के नाम पर 1.25 लाख रुपये की ठगी की है। आरोपितों के पास से बरामद मोबाइल पर फोन कर पीड़ितों ने दर्द बयां किया है। आरोपित पिछले कई वर्षों से ठगी कर रहे थे। वे अब तक सैकड़ों लोगों से ठगी कर चुके हैं।

Edited By: Jagran