जागरण संवाददाता, नोएडा :

औद्योगिक नगरी में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को बीते 24 घंटे में 1,442 लोगों में वायरस की पुष्टि हुई है। इससे सक्रिय मरीजों का आंकड़ा सात हजार पार कर गया है। सबसे ज्यादा संक्रमित कांटैक्ट ट्रेसिग में मिले।

मंगलवार को आठ माह बाद सर्वाधिक संक्रमितों की संख्या सामने आई है। पिछले वर्ष 5 मई को 1,703 संक्रमित मिले थे। जिसके बाद से यह आंकड़ा लगातार घटता गया। लेकिन दिसंबर के बाद से संख्या बढ़ी है। इससे सक्रिय केस के मामले में जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। वहीं बीते 24 घंटे में 124 मरीजों ने वायरस को हराने में कामयाबी हासिल की है। मौजूदा समय में 7,099 सक्रिय मरीज हैं। आरटी-पीसीआर जांच में 1,328 संक्रमित :

मंगलवार को 1,328 लोग आरटी-पीसीआर जांच व 114 लोग एंटीजन जांच में संक्रमित पाए गए। दिसंबर की शुरुआत में जहां सक्रिय मरीजों की संख्या 50 से कम रही थी। अब सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 7,099 पहुंच चुका है। अब तक जिले में कोविड के 70 हजार 972 मामले सामने आए हैं। वहीं स्वस्थ होने वालों की संख्या 63,405 पहुंच गई है। जिले में अबतक 17 लाख 97 हजार 441 संदिग्धों की जांच की गई है। लेकिन पिछले दस दिनों के अंदर जिले में कोविड के 7,184 नए मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान करीब 34 हजार 656 जांच हुई है। यानी जांच के सापेक्ष संक्रमितों की संख्या 20 प्रतिशत से भी अधिक हैं। 15 स्वस्थ होकर हुए डिस्चार्ज:

कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच मंगलवार को नोएडा कोविड अस्पताल में भर्ती 15 संक्रमितों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। अस्पताल के क्रिटिकल केयर प्रभारी डा. तृतीया सक्सेना का कहना है कि अस्पताल में अब 29 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें तीन मरीज आइसीयू में हैं। किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है। सभी की हालत स्थित है। 70 संक्रमितों का इलाज जिले के विभिन्न कोविड अस्पतालों में चल रहा है। वहीं सात हजार से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में हैं। लापरवाही पड़ रही भारी :

जिले में कोरोना नियमों की अनदेखी भारी पड़ रही है। बावजूद लोगों की लापरवाही अभी भी जारी है। बाजार से लेकर माल तक में भीड़ हो रही है। कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। लोग भीड़ में बिना मास्क में घूम रहे हैं। नतीजतन वायरस तेजी फैल रहा है। शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। कोविड मामले बढ़ने जांच के लिए मशक्कत भी बढ़ी है। लक्षण दिखने पर लोग जिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इससे अस्पताल सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक लंबी लाइन लग रही है।

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