संवाद सहयोगी, दादरी : किसान त्राहि-त्राहि कर रहा है और सरकार किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है। किसान अपने हक के लिए सरकार के सामने हाथ न फैलाएं, बल्कि अपने अधिकार के लिए लड़ें। उनकी इस लड़ाई में मैं उनका समर्थन करूंगा। यह बातें बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय ¨हदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने दादरी के कचेड़ा गांव में किसानों के साथ पंचायत में कही।

उन्होंने कहा जिन लोगों के साथ मिलकर उन्होंने देश को कुमार्ग से सतमार्ग के रास्ते पर लाने की शुरुआत की थी, आज वह उन्हें छोड़कर दूसरे रास्ते पर निकल गए। उन्होंने कहा कि मैं एक किसान परिवार से हूं, इसलिए मैं किसानों का दर्द जानता हूं। आज देश के किसानों पर 12 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आई थी, तब किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज कर्ज में डूबा किसान आत्महत्या कर रहा है। सरकार के पिछले साढ़े चार वर्ष में करीब 52 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं और सरकार सरदार वल्लभ भाई पटेल के पुतले बना रही है। किसानों के खेत से पांच सौ रुपये ¨क्वटल आलू खरीदकर पांच हजार रुपये प्रति ¨क्वटल बेचा जा रहा है। सन 1970 में गेहूं सौ रुपये ¨क्वटल था, तब डेढ़ किलो गेहूं में एक तौला सोना मिलता था, आज सोना 32 हजार रुपये तौला हो गया। आज गेहूं का दाम भी 32 हजार रुपये ¨क्वटल होना चाहिए। सोना और गेहूं में इतना अंतर क्यों है। जो लोग आज जुमलेबाजी करत जनता को मूर्ख बना रहे हैं, मुद्दा चाहे राम मंदिर का हो या धारा 370 का, अथवा गोरक्षा का। सभी मुद्दों को वोट का जरिया बनाया जा रहा है। आज कचेड़ा में सिर्फ 18 गांवों के किसानों का नहीं, पूरे देश के किसानों का आंदोलन हो चाहिए। गांव में बोर्ड लगने चाहिए कि जब तक किसान के साथ न्याय नहीं होगा, तब तक उनका वोट नहीं मिलेगा। इस मौके पर किसान नेता धीरज गुर्जर, दीपचंद, धर्मेंद्र नागर, ब्रह्मपाल नागर, सुशील नागर, कुलदीप नागर, आकाश समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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वकीलों से की मुलाकात

जासं,ग्रेटर नोएडा : डॉ. प्रवीण तोगड़िया बृहस्पतिवार को गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय भी पहुंचे। बार एसोसिएशन के एक गुट के अध्यक्ष जगतपाल भाटी ने न्यायालय में डा. प्रवीण का स्वागत किया। इस मौके पर देवेंद्र टाइगर, राम शरण नागर, श्याम ¨सह, नीरज कुमार सहित कई अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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