मनीष तिवारी, ग्रेटर नोएडा:

अच्छे काम की शुरुआत हमेशा मुहुर्त देखकर होती है। इच्छा होती है कि काम में पूर्ण सफलता मिलेगी। माननीय बनने की चाहत में विधानसभा चुनाव में नेता जी भी शुभ मुहुर्त के फेर में पड़ गए हैं। ज्योतिषाचार्य के साथ ही पंडितों से भी मुहुर्त निकलवा रहे हैं। पंडित व ज्योतिषाचार्य नेता जी की राशि, ग्रह व नक्षत्र देखकर शुभ मुहुर्त बता रहे हैं। नेता जी उसी के हिसाब से नामांकन की तैयारी में लगे हैं।

उत्तर प्रदेश की विधानसभा में माननीय बनने के लिए जोर आजमाईश शुरू हो गई है। सभी पार्टियों ने प्रत्याशियों के रूप में अपने-अपने पत्ते खोल दिए हैं। इसमें से कुछ नेता तो ऐसे हैं जिन्होंने पार्टी का इशारा मिलने के बाद पिछले लगभग दो माह से प्रचार में जुटे हैं। जिले में पहले चरण में 10 फरवरी को मतदान होना है। नामांकन 14 से 21 जनवरी तक होना है। नामांकन के लिए जिस-जिस दस्तावेज की आवश्यकता है प्रत्याशी उन्हें एकत्र कर रहे हैं। पहले दो दिन 14 व 15 जनवरी को 57 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीदा, लेकिन एक ने भी नामांकन नहीं किया। जिसका प्रमुख कारण रहा है कि उन्हें शुभ मुहुर्त नहीं दिखा। अच्छे मुहुर्त के लिए नेताओं ने कई पंडित व ज्योतिषाचार्य से सलाह ली है। नेता की कुंडली देखकर उन्हें नामांकन का शुभ मुहुर्त बताया जा रहा है। कुछ नेताओं ने तो पंडितों व ज्योतिषाचार्यो की बातों पर अमल करते हुए नग लगी अंगूठी भी धारण कर ली है। साथ ही दी गई अन्य सलाह पर भी अमल कर रहे हैं। पंडित रविकांत दीक्षित बताते हैं कि 17, 18 व 20 को नामांकन की अतिशुभ तिथि है। तीनों दिन किसी प्रकार का दोष नहीं है।

नामांकन के लिए 16, 19 व 21 शुभ नहीं है। 16 को रविवार व चतुदर्शी तिथि है, यह नामांकन के लिए शुभ नहीं है। 19 को राक्षस योग व आश्लेषा नक्षत्र है। 21 को चतुर्थी के साथ ही माघी संकट तिल चतुर्थी भी है। इस करण इन दोनों तिथि में शुभ कार्य निषेध होंगे।

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