जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र में वन्य जीवों के संरक्षण की योजना तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान के तीन वैज्ञानिकों की टीम जेवर क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। दो दिवसीय दौरे में टीम ने जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में वन्य जीवों की मौजूदगी का निरीक्षण किया है। टीम तीस अक्टूबर तक अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप देगी।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यावरणीय संबंधी अनापत्ति जारी करने से पहले केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने क्षेत्र के वन्य जीवों के संरक्षण पर रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट को तैयार कराने के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी (नियाल) ने देहरादून स्थित भारतीय वन्य जीव संस्थान के साथ एमओयू किया है।

शुक्रवार को वन्य जीव संस्थान के तीन वैज्ञानिकों की टीम ने ग्रेटर नोएडा पहुंचकर जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में वन्य जीवों के बारे में जानकारी एकत्र की है। टीम ने दो दिनों तक एयरपोर्ट क्षेत्र में दस किमी के दायरे का दौरा किया है। वहां से एकत्र आंकड़ों के आधार पर टीम अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट को तीस अक्टूबर तक नियाल को सौंपा जाना है। रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख होगा कि एयरपोर्ट तैयार होने से वन्य जीवों पर इसका किस तरह का प्रभाव होगा। क्षेत्र में काले हिरण, सारस, मोर आदि का प्रवास है।

जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए दयानतपुर, बनबारीवास, रोही, पारोही, रन्हेरा, किशोरपुर गांव की 1235 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। जिला प्रशासन अभी तक 745 हेक्टेयर जमीन पर यमुना प्राधिकरण को कब्जा सौंप चुका है। शेष जमीन का किसानों को मुआवजा वितरण हो रहा है। इसके साथ-साथ एयरपोर्ट के लिए बिड प्रक्रिया भी चल रही है। बिड प्रक्रिया नवंबर में पूरी हो जाएगी। इससे पहले पर्यावरण मंत्रालय की अनापत्ति जरूरी है।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान रिपोर्ट तैयार कर रहा है। तीन वैज्ञानिकों की टीम क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। उसकी रिपोर्ट को पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जाएगा।

शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी नियाल

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