जागरण संवाददाता, नोएडा

सेक्टर-125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में लैंगिक समानता पर वेब आधारित सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने वैश्विक परि²श्य में कोरोना महामारी ने लैंगिक समानता को नव सामान्य के रूप में किस प्रकार विकसित करने में मदद की है, विषय पर अपने विचार रखे। संयुक्त राष्ट्र की पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल एवं यूएन वूमेन की पूर्व डिप्टी एक्जीक्यूटिव निदेशिका लक्ष्मी पुरी ने कहा कि कोरोना एक अनिश्चित व बहुआयामी महामारी है, जिसने समाजिक, आर्थिक सहित लैंगिक समानता के मुद्दे को भी प्रभावित किया है। महिलाओं को बहुआयामी परिपेक्ष्य में सशक्त बनाने की आवश्यकता है, जिसमें महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना होगा। आईसीसीआर के पूर्व निदेशक डॉ. सुरेश गोयल ने कहा कि हम मां सरस्वती, लक्ष्मी व दुर्गा को पूजते आए है और अर्धनारीश्वर हमारी संस्कृति में लैंगिक समानता का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस मौके पर राधिका गुप्ता, वीएम थॉमस, प्रो. राजेश चंदवानी, बलविदर शुक्ला, डॉ. अल्पना कक्कड़ सहित छात्र मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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