जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : शाहबेरी प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच में ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के कई अधिकारियों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। जांच में प्राधिकरण अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। जिला प्रशासन ने जांच पूरी होने के बाद प्राधिकरण अधिकारियों पर गाज गिरने के संकेत दिए है। जांच अधिकारी द्वारा रिपोर्ट जिलाधिकारी को एक दो दिन में सौंपी जा सकती है। उल्लेखनीय है कि 17 जुलाई की रात शाहबेरी में दो मंजिला इमारत गिर गई थी। हादसें में नौ लोगों की मौत हो गई थी। मामले में कार्रवाई करते हुए एसडीएम दादरी ने एक लेखपाल को निलंबित कर दिया था। वहीं जिलाधिकारी ने शाहबेरी प्रकरण की जांच करने के निर्देश एडीएम प्रशासन को दिए है। कुछ दिनों पहले तत्कालीन एडीएम प्रशासन कुमार विनीत का जिले से स्थानांतरण हो गया था। इसके बाद जांच की गति धीमी पड़ गई थी। नए अधिकारी आने के बाद मजिस्ट्रेट जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले जांच अधिकारी एसपीओ से विधिक राय ले रहे है। सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में सामने आया है कि अवैध निर्माण में प्राधिकरण अधिकारी भी उतने ही जिम्मेदार थे जितनी की पुलिस। एडीएम प्रशासन दिवाकर ¨सह ने बताया कि शाहबेरी हादसें की जांच लगभग पूरी हो गई है। दोषियों पर आपराधिक मामला बनता है या नहीं इस पर एसपीओ से विधिक राय ली जा रही है। जल्द जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।

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