जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा :

कोरोना संकट को देखते हुए लोगों को प्राधिकरण न आना पड़े और घर बैठे सुविधा मिल सके, इसे लेकर आनलाइन सेवा की शुरुआत की। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सीईओ नरेंद्र भूषण ने आनलाइन सेवाओं के आवेदनों की समीक्षा की। इसमें एक से 21 जनवरी तक कुल 1937 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 741 को निस्तारित किया गया। वहीं 144 शिकायतें ऐसी मिलीं जिनके निस्तारण की समय सीमा निकल गई हैं। सीईओ ने आनलाइन आवेदनों का समय से निपटारा करने के निर्देश दिए। साथ ही देरी करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

कोरोना संकट को देखते हुए प्राधिकरण के आवंटियों की सुविधा को देखते हुए आनलाइन सेवाओं पर अधिक जोर दे रहा है। इसके अंतर्गत आवंटी नो ड्यूज, म्यूटेशन, मोर्टगेज परमिशन, पता बदलने, केवाइए अपडेट करने, रिफंड, समय विस्तार, लीज डीड कराने, ट्रांसफर मेमोरंडम आदि के लिए प्राधिकरण की वेबसाइट से आनलाइन आवेदन करते हैं। आनलाइन सेवाओं के लिए आवंटियों के आवेदनों की नियमित रिपोर्ट भी तैयार की जाती है। सीईओ ने समीक्षा में सभी विभागों जैसे छह फीसद आबादी प्लाट, बिल्डर, कामर्शियल, ग्रुप हाउसिग, उद्योग, संस्थागत, आइटी व आवासीय विभाग की सेवाओं से जुड़े कुल 1937 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 741 आवेदनों का निपटारा कर दिया गया। 950 आवेदन प्रक्रिया में हैं। 144 शिकायतें ऐसी हैं, जिनको निपटाने की समय-सीमा खत्म हो गई है। इन आवेदन को तय समय में न निपटाने पर सीईओ ने नाराजगी जताई। आवेदनों को न निपटाने पर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है। आनलाइन मैप स्वीकृति व कंपलीशन में आगे

प्राधिकरण में हर तरह की संपत्ति का नक्शा आनलाइन ही स्वीकृत होता है। एक से 14 जनवरी तक 395 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से दिसंबर में लंबित 90 आवेदन भी शामिल हैं। एक से 14 जनवरी के 303 आवेदन निपटा दिए गए। 92 आवेदन लंबित हैं। सीईओ ने जनवरी अंत तक सभी लंबित मामले निस्तारित करने के निर्देश दिए। कंपलीशन के लिए 572 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 210 आवेदन दिसंबर के लंबित हैं। शेष एक जनवरी से 14 जनवरी तक के हैं। इनमें से 356 आवेदन निस्तारित कर दिए गए।

मित्रा एप पर की गई अधिकांश शिकायतें हुई दूर

निवासियों के मेंटेनेंस व साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतें निपटाने में मित्र एप काफी प्रभावी हो रहा है। एक से 21 जनवरी तक एप पर मेंटेनेंस से जुड़ी कुल 400 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 378 शिकायतें निपटा दी गईं। स्वच्छता से जुड़ी 57 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 55 का निस्तारण कर दिया गया।

Edited By: Jagran