जागरण संवाददाता, नोएडा

सेक्टर-78 स्थित महागुन मॉडर्न के निवासी सोसायटी की समस्याओं पर बिल्डर के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। निवासियों का आरोप है कि प्रिमियम सोसायटी खरीदने के बावजूद भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिल्डर मेंटेनेंस के नाम पर मन मुताबिक पैसे ले रहा है, लेकिन सुविधाएं उसके मुताबिक नहीं है।

सोसायटी अध्यक्ष संदीप सिंह चौहान ने कहा कि बिल्डर फैसिलिटी मैनजमेंट का हैंडओवर तुरंत एओए को करे। साथ ही नोएडा प्राधिकरण में दिए गए प्लान अनुसार जितनी भी कमियां इस पूरे प्रोजेक्ट में हैं, उन सभी को तत्काल दुरुस्त करे। ग्रीन प्रोजेक्ट के नाम पर बिल्डर ने 15 फीसद एफएआर बढ़वाया है, लेकिन उसके लिए निर्धारित नियमों में से एक भी पूर्ण रूप से काम नहीं कर रहा है। खरीदारों ने आरोप लगाया कि सोसायटी में ग्यारह हजार फ्लैट बने हैं। 2700 से ज्यादा फ्लैटों का पजेशन मिल चुका है, जिनमें लोग रह रहे हैं। लेकिन अब भी बहुत सारे फ्लैट्स की रजिस्ट्री इस कारण से नहीं हो पाई, क्योंकि बिल्डर के पास प्राधिकरण के चार्जेज देने के लिए पैसे नहीं है। बिल्डर ने यूपी अपार्टमेंट्स एक्ट का उल्लंघन करते हुए एक शॉपिग मॉल रेजिडेंशियल जमीन पर बनाया है। साथ ही उसमें रिहायशी बिजली व पानी की सप्लाई गैर कानूनी रूप से की जा रही है। उसके लिए बिल्डर ने सोसायटी का एक गेट भी स्थायी रूप से बंद कर दिया है। बरसात में बेसमेंट में पानी भरना आम बात है जिससें सोसायटी को खतरा है। उधर, महागुन ग्रुप के मीडिया प्रभारी अनिकेत तिवारी ने बताया कि सोसायटी में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। यहां का मेंटेनेंस कार्य जानी मानी कंपनी जेएलएल फैसिलिटी देखती है। सोसायटी के एओए निर्माण को लेकर कई बार रेजिडेंट्स को अवगत कराया गया है, जिससे कि जल्द से जल्द वे हैंडओवर ले सकें। इसके लिए टीम भी बन चुकी है और लगभग एक वर्ष से एओए बनी भी हुई है लेकिन कुछ रेजिडेंट्स के आपसी मतभेद के कारण अभी तक यह कार्य सम्पन्न नहीं हो पाया है। यहां 2000 परिवार में से मात्र 10 से 12 लोग ही हैं जो अपने निजी स्वार्थ के लिए अन्य निवासियों को परेशान कर रहे हैं।

Posted By: Jagran