ग्रेटर नोएडा में भारतीय सौर विनिर्माताओं ने दिखाई ताकत, हाई-टेक तकनीक और BESS सिस्टम से दी ग्लोबल ब्रांड्स को टक्कर
ग्रेटर नोएडा में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो में भारतीय सौर विनिर्माताओं ने अपनी हाई-टेक तकनीकों और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का प्रदर्शन किया।
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HighLights
भारतीय विनिर्माताओं ने हाई-टेक सौर और बैटरी तकनीकें प्रदर्शित कीं।
एक्सपो में 1080 से अधिक प्रदर्शक और 54000 विशेषज्ञ मौजूद रहे।
सरकारी योजनाएं घरेलू हरित ऊर्जा विनिर्माण को बढ़ावा दे रही हैं।
जागरण संवाददााता, ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया (आरईआइ) एक्सपो और द बैटरी शो इंडिया 2026 में घरेलू सौर विनिर्माताओं ने अपनी ताकत दिखाई।
1080 से अधिक प्रदर्शकों, 1400 ब्रांडों और 54000 से ज्यादा विशेषज्ञों की मौजूदगी में भारतीय कंपनियों ने टाप कान,एचजेटी और जीरो-बसबार जैसी हाई-टेक तकनीकों के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) का प्रदर्शन किया।
घरेलू विनिर्माण के लिए गेमचेंजर बताया
एक्सपो में उद्योग जगत ने पीएलआइ, एएलएमएम और पीएम सूर्य घर जैसी योजनाओं को घरेलू विनिर्माण के लिए गेमचेंजर बताया। विशेषज्ञों ने अगले 3 से 5 साल में हरित ऊर्जा क्षेत्र में 30 से 35 प्रतिशत सीएजीआर से वृद्धि का अनुमान जताया है।
नवाचार का अगला केंद्र
हैवेल्स इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट असीम गोयल ने कहा कि सौर ऊर्जा के बाद अब एनर्जी स्टोरेज नवाचार का अगला केंद्र है। गोल्डी सोलर की वाइस प्रेसिडेंट गीतांजलि प्रसाद ने कहा कि सरकारी पहलें घरेलू विनिर्माण को मजबूत कर रही हैं।
वहीं, सोलरफिक्स के सीईओ अनकेत कपूर ने जामनगर में 20 गीगावाट और कच्छ में 5 गीगावाट की नियोजित क्षमता का जिक्र किया।
प्रीमियर एनर्जीज के वाइस प्रेसिडेंट दीप्तेश हलधर ने बताया कि उनकी मॉड्यूल क्षमता अब 15 गीगावाट तक पहुंच गई है और कंपनी जल्द ही बैटरी स्टोरेज के क्षेत्र में भी उतरेगी।
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