लाखों यात्रियों की उम्मीदों पर टिकी ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना, राज्यसभा में उठी जल्द मंजूरी की मांग
राज्यसभा में नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना की मंजूरी का मुद्दा उठाया गया। भाजपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने आवास एवं ...और पढ़ें

राज्यसभा में बोलते राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर। (सौ- कार्यकर्ता)

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, नोएडा। राज्यसभा में शुक्रवार को नोएडा-ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य को मंजूरी न मिलने से मुद्दा गर्मा गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य ने आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय से मेट्रो परियोजना को प्राथमिकता पर मंजूरी देकर यातायात दबाव कम करने की बात कही।
राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र सिंह नागर ने कहा कि प्रदेश के शो विंडो शहर गौतमबुद्धनगर में तेजी से कई आवासीय सोसायटियां विकसित हो रही हैं। इनमें नाेएडा-ग्रेनो वेस्ट, जो देश में तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में एक है।
इस क्षेत्र की आवासीय सोसायटियों के अंदर लाखों लोग निवास करते हैं, जो रोजाना बड़ी संख्या में रोजगार, शिक्षा व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा और दिल्ली में आवागमन करते हैं, लेकिन उन्हें प्रभावी, सुगम और सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण भारी ट्रैफिक जाम, समय की बर्बादी व प्रदूषण जैसी समस्या झेलनी पड़ रही है।
तीन परियोजनाएं प्रस्तावित
उन्होंने कहा कि नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन ने सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डन, डिपो से बोडाकी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो विस्तार की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की थीं, जिनका टेंडर भी एकसाथ जारी करने का प्रस्ताव रखा गया था।
यदि ग्रेनो वेस्ट के मेट्रो रूट प्रस्ताव काे अभी तक केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी न मिलने के कारण टेंडर जारी होने में लगातार देरी हो रही है।
यातायात दबाव और प्रदूषण से राहत
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेनो वेस्ट को नोएडा और दिल्ली मेट्रो रूट से जोड़ना न केवल लोगों के लिए आवश्यक है, बल्कि क्षेत्र में यातायात का दबाव और प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही क्षेत्र में संतुलित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों से ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने व सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डन और डिपो से बोडाकी के साथ-साथ इस महत्वपूर्ण रूट के निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर कराने की मांग की, जिससे लोगों को परियोजना का जल्द लाभ मिल सके।
