जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा:

चिटहेरा गांव में पट्टे की जमीन के अरबों रुपये के फर्जीवाड़े का मामला उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड के आइएएस व आइपीएस अधिकारियों से जुड़ गया है। मामले की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने एसआइटी टीम का गठन किया है। एसआइटी गठन से कुछ लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जांच में नाम सामने आने पर अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हो सकता है।

शासन स्तर से हुए आदेश के बाद जिला प्रशासन ने कुछ दिनों पूर्व चिटहेरा प्रकरण की जांच पूरी कर ली है। जांच के बाद दादरी कोतवाली में गैंगस्टर व भूमाफिया यशपाल तोमर सहित आठ अन्य आरोपित कर्मवीर, बैलू, कृष्णपाल, एम भाष्करन, केएम संत, गिरीश वर्मा व सरस्वती देवी के खिलाफ मामला दर्ज किराया था। इसमें एक आरोपित यूपी कैडर के सेवानिवृत्त आइएएस हैं, जबकि दो अन्य उत्तराखंड के एक आइएएस व एक आइपीएस के रिश्तेदार हैं। एसआइटी टीम में दो इस्पेक्टर हैं। डीसीपी क्राइम अभिषेक झा पूरे मामले की निगरानी करेंगे। अपर पुलिस आयुक्त भारती सिंह ने बताया कि मामले की जांच अधिकारी एडीएम वंदिता श्रीवास्तव से जानकारी मांगी जाएगी। साथ ही उत्तरखंड के अधिकारियों से भी संपर्क किया जाएगा। मामले की पीड़ितों से भी बात की जाएगी। यशपाल तोमर ने जिन लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमें दर्ज करा दिए थे उनसे भी जानकारी ली जाएगी। अन्य आरोपितों का नाम प्रकाश में आने पर उनके खिलाफ भी एफआइआर कराई जाएगी, जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।

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