जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण में लगातार फ्लैट खरीदारों के शिकायती पत्रों पर सुनवाई हो रही है। खरीदार पीठ में उपस्थित होकर बिल्डर के खिलाफ अपने वाद दायर कर पीठ सदस्यों के सामने दर्द बयां कर रहे हैं। दूसरी तरफ बिल्डर प्रतिनिधि खरीदारों के दावों को बेबुनियाद व झूठा बताकर बिल्डरों को रेरा की कार्रवाई से बचाने में जुटे हैं।

सुनवाई के दौरान भानू प्रताप सिंह की पीठ ने शुक्रवार को कॉसमॉस इंफ्रास्ट्रेक्चर प्राइवेट लिमिटेड (सिवालिक होम्स) के चार, जेकेजी प्राइवेट लिमिटेड के सात व प्रतीक लेडर्स के दो मामलों में सुनवाई करते हुए रेरा टीम को परियोजनाओं का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। पीठ सदस्य ने तीनों परियोजनाओं का निरीक्षण कराकर जांच रिपोर्ट आने के बाद आदेश जारी करने का आश्वासन भी याचिकाकर्ताओंको दिया है। शिकायतकर्ताओं ने न केवल बिल्डर पर फ्लैट निर्माण में देरी का आरोप लगाया, बल्कि पिछले दो साल से लगभग सभी परियोजनाओं का निर्माण कार्य बंद होने का दावा किया है। पीठ सदस्य ने बिल्डर प्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण मांगा तो बिल्डर प्रतिनिधियों का एक ही जवाब था कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर खरीदारों को फ्लैटों पर कब्जा दिया जाएगा, लेकिन जब रेरा पीठ सदस्य ने पूछा कि परियोजना का निर्माण कब तक पूरा होगा तो बिल्डर प्रतिनिधि बगले झांकने लगे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस