जांस, ग्रेटर नोएडा : निजी कंपनी से बीमा कराने के बाद भी इलाज के लिए कंपनी द्वारा भुगतान न देने पर एक महिला की बीमारी के दौरान गुर्दा प्रत्यारोपण न होने से मौत हो गई थी। इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने शुक्रवार को बीमा कंपनी को महिला के पति को ब्याज समेत दस लाख रुपये देने का आदेश दिया है। दिल्ली के शक्ति नगर निवासी अमित कुमार अरोड़ा ने मई 2014 को एचडीएफसी इरगो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कराया था कि उन्होंने उक्त कंपनी से दस लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराया था। पालिसी की नियम व शर्तों के अनुसार कंपनी द्वारा पति पत्नी व परिवार के किसी भी सदस्य के बीमार होने की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पूरा भुगतान कंपनी की तरफ से किया जाएगा। पीड़ित अमित कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी साक्षी अरोड़ा का गुर्दा खराब होने पर उन्होंने पत्नी का नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि जब उन्होंने पत्नी के इलाज में खर्च रकम के क्लेम के लिए कंपनी के अधिकारियों से धनराशि की मांग की तो कंपनी ने भुगतान नहीं किया, जिसके चलते उनकी पत्नी की मौत हो गई। सुनवाई के दौरान कंपनी को दोषी पाया गया। जिला उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को आदेश दिया कि पीड़ित को तीस दिन के अंदर दस लाख रुपये दस फीसद साधारण ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। इसके अलावा कंपनी पीड़ित को मानसिक रूप से परेशान करने के एवज में बीस हजार रुपये का भुगतान करना होगा।

Posted By: Jagran

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