नोएडा की सबसे ऊंची इमारत में कड़े होंगे सुरक्षा के इंतजाम, सुपरनोवा की हर मंजिल पर बढ़ेगी गार्ड्स की तैनाती
नोएडा सेक्टर 94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी के स्पायरा टावर से साफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की कूदकर मौत के बाद सुरक्षा बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है।

नोएडा की सबसे ऊंची इमारत सुपरनोवा। जागरण
HighLights
संभव जैन की मौत के बाद सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी।
सुपरनोवा टावर की 20वीं से 43वीं मंजिल पर बढ़ेंगे गार्ड।
सुरक्षा के लिए निचले स्तर पर रस्सी का जाल लगाने पर विचार।
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा सेक्टर 94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी के स्पायरा टावर की 43वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाले साफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की मौत के बाद सुरक्षा बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है।
टावर के 20वीं से 43वीं मंजिल तक गार्डों की तैनाती बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. अब गार्डों की संख्या बढ़ाकर 50 तक की जाएगी।
सुपरनोवा में सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और इस तरह की घटना न हो इसके लिए निचले सिरे पर रस्सी का जाल लगाने पर भी विचार किया जा रहा है । बता दें कि सुपरनोवा में 20वीं मंजिल से लेकर 43वें तल तक एयरबीएनबी की सुविधा है।
इन सभी एयरबीएनबी में बाहर से आने वाले लोगों की आवाजाही रहती है। जिनकी सुरक्षा में अभी गेट, पार्किंग और एयरबीएनबी रिसेप्शन समेत अन्य स्थानों पर 35 सुरक्षा गार्ड रहते हैं।
सामान्य ढंग से चल रहा एयरबीएनबी
अभी तक की जानकारी के मुताबिक मौजूदा गार्ड तीन-तीन के ग्रुप में हर तल पर गश्त करते रहते हैं। हालांकि अब इनकी संख्या को बढ़ाने पर मंथन हाे रहा है। हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से एयरबीएनबी से संबंधित कोई भी रोक नहीं लगाई हैं। सामान्य दिनों की तरह लोगों की आवाजाही जारी है.
क्यों चर्चा में आई नोएडा की सबसे ऊंची इमारत?
बता दें कि नोएडा की सबसे ऊंची इमारत एक बार फिर से तब चर्चे में आई जब मानेसर के रहने वाले संभव जैन ने शनिवार को बिल्डिंग के 43वीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की थी.
इस मामले को लेकर शुरुआत में कहा जा रहा था कि संभव कर्ज की वजह से परेशान था. हालांकि संभव के पड़ोसियों ने इसके पीछे उनके व्यक्तिगत जीवन का कारण बताया. पुलिस घटना की जांच कर रही है, वहीं इमारत में दोबारा ऐसी घटना न घटे इसके लिए सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.
