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दिल्ली से चीन तक फैला नेटवर्क, 11 करोड़ रुपये भेजने वाला STF ने दबोचा; हवाला फंडिंग का खुलासा

Published: Wed, 30 Sep 2026 11:05 AM (GMT+05:30)

नोएडा एसटीएफ ने दिल्ली से गणपत लाल राजपुरोहित को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी शेल कंपनियों के जरिए हवाला से ...और पढ़ें

चीन को हवाला से पैसे भेजने वाला गिरफ्तार। फोटो: सांकेतिक

चीन को हवाला से पैसे भेजने वाला गिरफ्तार। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. नोएडा एसटीएफ ने हवाला नेटवर्क के सदस्य को दिल्ली से पकड़ा

  2. फर्जी शेल कंपनियों से 11 करोड़ रुपये चीन भेजे गए

  3. आरोपी के पास से भारतीय व विदेशी मुद्रा बरामद हुई

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। एसटीएफ की नोएडा फील्ड यूनिट की टीम ने भारत में अवैध रूप से रहकर फर्जी शेल कंपनियां खड़ी कर हवाला के जरिए भारतीय मुद्रा को चीन भेजने वाले गिरोह के सदस्य गणपत लाल राजपुरोहित (30) को दिल्ली के करोल बाग से गिरफ्तार किया।

आरोपित राजस्थान के बालोतरा अंतर्गत सिधांसवा चौहानन का रहने वाला है। गणपत पूर्व में गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिक के सहयोगी के रूप में काम करता था। उसके खिलाफ फेज दो कोतवाली में केस दर्ज है। वह लंबे समय से फरार था।

चीनी नागरिक के साथ करता था काम

एसटीएफ नोएडा यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा के मुताबिक, 22 जुलाई को इसी मामले में पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसायटी से चीनी नागरिक लियाओ लोंगहुई और उसके दो भारतीय साथियों संजीव कुमार और कौशलेन्द्र को गिरफ्तार किया था।

लियाओ ने खुद को भारतीय दिखाने के लिए सैमुअल लोथा नाम रखा था और कोहिमा, नागालैंड के पते का फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखा था। उसके पास से कई शेल कंपनियों के नाम की चेक बुक मिली थीं।

अंडर इनवायसिंग से जुटाते थे रकम

विवेचना में सामने आया कि गणपत लाल वाईटीएल और जेड-वन नाम की कंपनियों के नाम से अंडर इनवायसिंग करता था। यानी सामान की वास्तविक कीमत ज्यादा होने पर भी बिल में कीमत कम दिखाई जाती थी और बाकी रकम नकद में ली जाती थी।

यह कंपनियां भारतीय नागरिकों को धोखा देकर फर्जी तरीके से बनवाई गई थीं, जिनका कंट्रोल लियाओ के पास था।

मोबाइल एसेसरीज की मार्केटिंग की आड़ में नगद धन इकट्ठा कर दिल्ली के करोल बाग स्थित जेड-वन कंपनी के दफ्तर से गणपत को दिया जाता था, जिसे वह अन्य हवाला कारोबारियों की मदद से चीन में लियाओ की पत्नी मिशेल तक पहुंचाता था। इस काम में मिशेल और उसकी बहन सारा चीन से मदद करती थीं।

11 करोड़ रुपये चीन भेजे

पूछताछ में गणपत ने बताया कि वह 10वीं पास है, 2012 में मुंबई में ज्वेलरी की दुकान पर काम करता था। 2017 से करोल बाग में मोबाइल एसेसरीज का काम कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात मिशेल और सारा से हुई और वह हवाला नेटवर्क से जुड़ गया।

वह टेस्ला नाम से भी कारोबार करता है। 2025 व 2026 में चीन जाकर मिशेल से मिल चुका है। एसटीएफ के अनुसार दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच उसने 11 करोड़ रुपये से अधिक अवैध रूप से चीन भेजे हैं।

एसटीएफ अब बैंक खातों और जुड़े हवाला नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है, इसमें और गिरफ्तारियां संभव हैं।

भारतीय व विदेशी मुद्रा समेत अन्य सामग्री बरामद

गणपत के कब्जे से 8. 20 लाख रुपये भारतीय मुद्रा, 100 यूएस डालर, 100 थाई बाट, 36 चीनी युआन, वीजा एप्लीकेशन फार्म और चीन में वीजा के लिए इनविटेशन फार्म, केके ट्रेडर्स फर्म का जीएसटी पंजीकरण प्रपत्र, एक पासपोर्ट, आधार कार्ड, 5 क्रेडिट कार्ड, 2 पैन कार्ड, विभिन्न बैंकों की चेक बुक और कैश मेमो बुकलेट बरामद हुई है।

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