नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे विद्यार्थी: नोएडा में 9वीं से स्टार्टअप की पढ़ाई
नोएडा के स्कूलों में अब विद्यार्थियों को नौवीं कक्षा से ही नौकरी देने वाला बनने की दिशा में तैयार किया ...और पढ़ें

नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे विद्यार्थी (एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
नोएडा के स्कूलों में 9वीं से उद्यमिता की शिक्षा।
विद्यार्थियों को नौकरी देने वाला बनने पर जोर।
एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में स्टार्टअप विषय शामिल।
जागरण संवाददाता, नोएडा। विद्यार्थियों को अब केवल नौकरी पाने के लिए तैयार नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें नौकरी देने वाला बनने की दिशा में भी तैयार किया जा रहा है। नोएडा के कई स्कूलों में कक्षा 9वीं से ही विद्यार्थियों को स्टार्टअप और उद्यमिता की बारीकियां सिखाने पर जोर दिया जा रहा है।
विद्यार्थियों को नए आइडिया पर काम करने, बाजार की जरूरतों को समझने और अपने विचार को कारोबार का रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की नई सोशल साइंस की किताब में स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है।
विद्यार्थियों को उद्यमिता की बुनियादी समझ दी जा रही है
इस विशेष अध्याय के माध्यम से 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों को उद्यमिता की बुनियादी समझ देने के साथ उन्हें बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इसमें मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों का ध्यान केंद्रित किया गया है, जिनमें उद्यमिता का समाज और अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है? किसी कारोबार के प्रमुख कार्यात्मक क्षेत्र कौन-कौन से होते हैं?
एक प्रभावी और व्यावहारिक बिजनेस प्लान कैसे तैयार किया जाता है? किताब में छोटे-छोटे उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को बाजार की गतिविधियों, उपलब्ध अवसरों की पहचान, प्रदर्शन के आकलन और सही योजना बनाने के बारे में समझाया गया है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप इंडिया की पांचवीं राज्य रैंकिंग में टाप परफार्मर श्रेणी में जगह मिल चुकी है। प्रदेश में स्टार्टअप गतिविधियों का प्रमुख केंद्र नोएडा रहा है। ऐसे में शहर के स्कूल भी विद्यार्थियों में शुरू से ही उद्यमिता की सोच विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
स्कूलों में उद्यमिता आइडिया इथान का आयोजन
स्कूलों में विद्यार्थियों के बिजनेस आइडिया को जानने और उन्हें स्टार्टअप करने की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए एपीजे स्कूल उद्यमिता आइडिया इथान,कार्निवाल जैसे कार्यक्रम आयोजित करते हैं जिसमें छात्र अपने अनाेखे प्रोडक्ट को और आइडिया को प्रदर्शित करते हैं।
स्कूलों में कार्निवाल
स्कूलों में कार्निवाल का आयोजन किया जाता है जिसमें छात्र विभिन्न उत्पादों और आइडिया को स्टाल को प्रदर्शित करते हैं। शिक्षक आइडिया को भी निखार रहे हैं।
शिक्षक बन रहे हैं आइडिया के मेंटर
स्कूलों में विद्यार्थियों को अपने नए विचारों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिक्षक उनके आइडिया को समझने के साथ ही उन्हें बेहतर बनाने में मार्गदर्शन भी कर रहे हैं। विद्यार्थियों को यह समझाया जा रहा है कि भविष्य में कौन सा विषय या क्षेत्र चुनने से वे अपने आइडिया को सफल उद्यम में बदल सकते हैं। -डा.नेहा शर्मा, सीबीएसई सिटी कार्डिनेटर, प्राचार्य, एपीजे स्कूल
