मार्च, जून और अब सितंबर... नोएडा में बार-बार क्यों ठप हो रही सफाई? ये हैं सफाईकर्मियों की मांगें
नोएडा में सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण दो दिनों से कूड़ा उठान प्रभावित है, जिससे सेक्टरों में गंदगी जमा हो रही है।

HighLights
सफाईकर्मी वेतन और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर।
दो दिन से कूड़ा उठान प्रभावित, सेक्टरों में गंदगी बढ़ी।
निवासियों ने स्थायी समाधान की मांग की, परेशानी झेल रहे।
स्वाति भाटिया, नोएडा। नोएडा की सफाई व्यवस्था एक बार फिर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रभावित होने लगी है। वेतन, रुका हुआ भुगतान और मृतक आश्रितों को नौकरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर सफाईकर्मी पिछले दो दिन से काम पर नहीं आ रहे हैं।
इसका सीधा असर सेक्टरों में दिखाई देने लगा है। कई जगह कूड़ा उठान प्रभावित होने से कूड़ा प्वाइंट और सड़क किनारे गंदगी जमा होने लगी है।
बार-बार होने वाली हड़ताल ने सफाई व्यवस्था की स्थायी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले मार्च में बर्खास्त सफाईकर्मियों की हड़ताल चार दिन चली थी।
जून में करीब 1,500 सफाईकर्मी भी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे थे। उस दौरान भी कई सेक्टरों में कूड़ा जमा होने से लोगों को परेशानी हुई थी। अब सितंबर में फिर वही स्थिति बन रही है।
हर बार लोगों को क्यों भुगतना पड़े खामियाजा?
सेक्टरवासियों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगें अपनी जगह हैं, लेकिन हड़ताल का असर आम लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए। सेक्टर-11 के निवासी नितिन के अनुसार दो दिन से कूड़ा उठान नहीं हुआ है। घरों में कूड़ा जमा हो रहा है और सड़क किनारे भी गंदगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि हड़ताल लंबी चली तो दुर्गंध और आवारा पशुओं की समस्या भी बढ़ सकती है।
लोगो का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों का स्थायी समाधान कब होगा, ताकि वेतन और अन्य मुद्दों को लेकर बार-बार सफाई व्यवस्था ठप न हो और शहर के लोगों को इसकी कीमत न चुकानी पड़े।
