'राम' मीटिंग तो 'सीता' निपटा रही थीं होमवर्क, 'रावण' भी बिजनेस में व्यस्त; नोएडा रामलीला के बैकस्टेज का दिलचस्प नजारा
नोएडा की रामलीला में एक परिवार अपनी पेशेवर, शैक्षणिक और व्यापारिक जिम्मेदारियों के साथ मंच पर मुख्य भूमिकाएं निभाकर संतुलन का उदाहरण पेश कर रहा है।

नोएडा रामलीला: परिवार का अनूठा संतुलन, 'राम' मीटिंग निपटाते ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
रामलीला में एक परिवार निभा रहा है मुख्य भूमिकाएं।
कलाकार नौकरी, पढ़ाई, व्यापार के साथ मंच पर सक्रिय।
संस्कृति और कला के प्रति समर्पण की अनूठी मिसाल।
चेतना राठौर, नोएडा। रामलीला के मंच पर भक्ति और कला के प्रति समर्पण अक्सर देखने को मिलता है। लेकिन, सेक्टर 21 नोएडा स्टेडियम की रामलीला में एक परिवार अनुशासन और संतुलन की मिसाल पेश कर रहा है।
परिवार के चार सदस्य अपनी पेशेवर, शैक्षणिक और व्यापारिक जिम्मेदारियां निभाने के साथ मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
अलग-अलग भूमिकाओं में कलाकार
मंच के पीछे बाल रावण और नन्हीं सीता किताबें लेकर होमवर्क करते हैं, तो राम का किरदार निभा रहे कलाकार मेकअप के बीच मीटिंग और दफ्तर का काम निपटाते हैं। युवा रावण बिजनेस की डील भी फाइनल करते दिखते हैं।
ऑफिस मीटिंग के साथ ''राम'' का अभिनय
एमएनसी में कार्यरत अभिषेक भारद्वाज पिछले डेढ़ महीने से भगवान राम का किरदार निभाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। दिन भर ऑफिस के काम, क्लाइंट मीटिंग्स और लैपटाप पर जिम्मेदारियों को संभालने के बाद वे मंच पर उतरते हैं। यहां तक कि मंच पर जाने से ठीक पहले तक भी उन्हें लेपटॉप पर काम निपटाते देखा गया है।
10वीं बोर्ड की पढ़ाई और ''बाल रावण'' की भूमिका
10वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे नन्हे कलाकार शौर्य भारद्वाज रावण के बचपन का किरदार निभा रहे हैं। अभिनय के साथ पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शौर्य मंच के पीछे अपनी किताबें और होमवर्क साथ रखते हैं, ताकि स्कूल के अगले दिन के टेस्ट की तैयारी भी साथ-साथ चलती रहे।
बिजनेस के साथ ''युवा रावण'' और पढ़ाई के साथ ''सीता''
इसी परिवार के अमित शर्मा अपने गारमेंट्स व्यापार को संभालने के साथ-साथ मंच पर ''युवा रावण'' का सशक्त किरदार निभा रहे हैं। वहीं, चौथी कक्षा की छात्रा समृद्धि भारद्वाज पढ़ाई और आगामी परीक्षाओं के तनाव के बीच पिछले डेढ़ महीने से ''नन्ही सीता'' का किरदार बखूबी निभा रही हैं।
घर में उत्सव जैसा माहौल
एक ही परिवार से चार-चार कलाकारों का रामलीला में मुख्य भूमिकाएं निभाना पूरे घर के माहौल को उत्सवमय बना देता है।
सुबह से शाम तक काम, पढ़ाई और बिजनेस संभालने के बाद पूरा परिवार रात में रामलीला के लिए एक साथ मंच पर पहुंचता है।
इन कलाकारों का यह प्रयास दर्शाता है कि जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी संस्कृति और कला के प्रति समर्पण को भी बखूबी निभाया जा सकता है।
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