नोएडा में मोबाइल लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश, IMEI क्रैक कर बेचते थे चोरी के फोन के पुर्जे
नोएडा पुलिस ने एनसीआर में भीड़भाड़ वाली जगहों और कंपनियों के बाहर से फोन लूटने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में गिरोह के सदस्य।
HighLights
नोएडा पुलिस ने फोन लूटने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया।
मास्टरमाइंड समेत पांच सदस्य गिरफ्तार, दो किशोर भी शामिल।
लूटे गए 22 फोन बरामद, IMEI क्रैक कर पार्ट्स बेचते थे।
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा सेक्टर-58 पुलिस के हत्थे ऐसा गिरोह चढ़ा है, जो एनसीआर में भीड़ के बीच या कंपनी की छुट्टी के दौरान कर्मचारियों व महिलाओं से फोन लूटकर भाग जाते थे।
पुलिस ने जुबलिएंट पार्क से मास्टरमाइंड समेत पांच सदस्यों को दबोचा है। इनमें दो किशोर भी शामिल हैं। आरोपित पुलिस से बचने के लिए किशोरों को आगे कर देते थे।
पुलिस ने कब्जे और निशानदेही पर चोरी की बाइक, लूटे गए 22 फोन व दो चाकू बरामद किए हैं। आरोपित फोन को दिल्ली लक्ष्मी नगर के बाजार में बेचकर मुनाफा कमाते थे।
एडीसीपी ने क्या बताया?
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि फर्रूखाबाद दौलतपुर के अतुल गौतम, बिहार सहरसा के नितीश चौहान व हरदोई में हरपालपुर थानाक्षेत्र के हसोरा गांव के रिशू पांडेय को गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड अतुल समेत सभी आरोपित खोड़ा के शिव विहार में रहते हैं।
उन्होंने नोएडा के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लूटपाट और छिनैती की घटना के लिए मोटरसाइकिल चोरी की, जिससे एक महीने से कई घटनाओं को अंजाम दिया एसीपी मयंक तिवारी के मुताबिक, चौथी कक्षा की पढ़ाई करने वाला मास्टरमाइंड अतुल ने शौक के लिए गिरोह में किशोरों को भी शामिल कर लिया।
योजना के तहत आरोपित औद्योगिक क्षेत्रों में सुबह लोगों के डयूटी जाने पर या कंपनियाें की छुट्टी के दौरान सक्रिय होकर घटना करते थे।
पूछताछ में पुलिस से कई घटनाएं करना कबूल किया है। पुलिस गिरोह में अन्य लोगों के भी शामिल होने की बात कह रही है, जिनकी विभिन्न स्थानों पर तलाश हो रही है।
दिल्ली लक्ष्मी नगर में बेचते थे मोबाइल के पार्ट-पुर्जे
थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि आरोपित अतुल फोन के पार्ट-पुर्जे निकालने में माहिर है। वह लूट व छिनैती के फोन से सबसे पहले आइएमइआर नंबर क्रेक करता था।
फिर उसके पार्ट्स निकालकर उन्हें दिल्ली लक्ष्मी नगर में किसी दुकानदार को बेच देता था। इनके अलावा छोटे फोन को राह चलते लाेगों को दो-तीन हजार में बेचकर मुनाफा कमाता था।
इन पैसों का सभी लोग आपस में बंटवारा करते थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर किशोरों को बाल सुधार गृह भेज दिया है।
