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हादसे का इंतजार करता शहर... नोएडा के सेक्टरों में खुले गटर, गहरे गड्ढे और टूटी बाउंड्री से जान पर खतरा

Published: Fri, 13 Feb 2026 05:30 PM (IST)

नोएडा में खुले गटर, गहरे गड्ढे और टूटी बाउंड्री निवासियों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। सेक्टर 73, 52, ...और पढ़ें

सेक्टर 73 में वायडी स्कूल के पास की सड़क में गड्ढे। जागरण

सेक्टर 73 में वायडी स्कूल के पास की सड़क में गड्ढे। जागरण

HighLights

  1. नोएडा में खुले गटर और गहरे गड्ढे जानलेवा खतरा।

  2. टूटी बाउंड्री और असुरक्षित नाले प्रशासनिक लापरवाही दर्शाते हैं।

  3. मेहरा केस के बावजूद सुरक्षा उपायों की अनदेखी जारी।

स्वाति भाटिया, नोएडा। देश के सबसे सुनियोजित शहरों में से एक माने जाने वाले नोएडा की सड़कों पर इन दिनों खतरा मंडरा रहा है। अलग-अलग सेक्टरों में खुले गटर, गहरे गड्ढे, टूटी बाउंड्री और बिना सुरक्षा वाले नाले प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रहे हैं। हाल ही में हुई दुखद घटना, मेहरा केस ने लोगों को झकझोर दिया, फिर भी शहर के कई इलाकों में हालात वैसे ही हैं।

सेक्टर 73 के महादेव एन्क्लेव में खुला गटर स्थानीय लोगों के लिए डर का सबब बना हुआ है। पास में ही रिहायशी इलाका है, जहां बच्चे खेलते हैं और बुजुर्ग टहलते हैं। जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इसी सेक्टर में वादी स्कूल के पास सड़क पर बना गहरा और चौड़ा गड्ढा रोजाना सैकड़ों गाड़ियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है।

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सेक्टर 52 में नाले की बाउंड्री टूटी हुई न कोई सेफ्टी बैरिकेडिंग है। जागरण

सेक्टर 52 में हालात और भी चिंताजनक हैं। यहां नाले के पास की बाउंड्री टूटी हुई है। न तो सुरक्षा बैरिकेड हैं और न ही चेतावनी के साइन। नाले में गहरा पानी भरा है, जिससे खतरा काफी बढ़ जाता है, खासकर रात में।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई पक्का समाधान नहीं निकला है। सेक्टर 101 में मेट्रो स्टेशन के पास बिज़ी रोड पर बना गहरा गड्ढा हादसों को न्योता दे रहा है। दिन भर भारी ट्रैफिक के बीच यह गड्ढा टू-व्हीलर चलाने वालों के लिए खास खतरा बना रहता है।

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सेक्टर 101 में मेट्रो स्टेशन के पास गहरा गड्ढा। जागरण

वहीं, सेक्टर 47 DSC एन्क्लेव रोड की सड़क खस्ताहाल है। लंबे समय से पेड़ों की छंटाई न होने की वजह से आंधी या तेज हवाओं में पेड़ गिरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर मरम्मत, बैरिकेडिंग और रेगुलर मॉनिटरिंग नहीं की गई तो जल्द ही मेहरा केस जैसी दुखद घटना दोहराई जाएगी। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

महादेव एन्क्लेव में खुला नाला कई दिनों से पड़ा है। बच्चे यहां रोज खेलते हैं और बुजुर्ग टहलने जाते हैं। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई पक्का हल नहीं निकला। अगर समय रहते ढक्कन नहीं बदला गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।

-डॉली जैन, सेक्टर 73

WAD स्कूल के पास सड़क पर बना गड्ढा बेहद खतरनाक है। सुबह और दोपहर में यहां बहुत ज़्यादा ट्रैफिक रहता है। हम पेरेंट्स अपने बच्चों की सेफ्टी को लेकर बहुत परेशान हैं। एडमिनिस्ट्रेशन को इसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए।

-ऊषा, सेक्टर 73

नाले के पास टूटी हुई बाउंड्री और बैरिकेड्स की कमी बहुत डरावनी है। रात में कुछ भी दिखाई नहीं देता। अगर कोई बच्चा या राहगीर गिर जाए, तो कौन ज़िम्मेदारी लेगा? अथॉरिटीज़ को सिर्फ़ कागज़ों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम करना चाहिए।
-ईशा, सेक्टर 52

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