'हैलो' का मैसेज और मैगी में प्याज, जब छोटी-सी बात पर टूटने की कगार पर पहुंचे रिश्ते; वन स्टॉप सेंटर बना सहारा
नोएडा के वन स्टॉप सेंटर ने छोटे-मोटे विवादों के कारण टूटने की कगार पर पहुंचे कई रिश्तों को बचाया है। ...और पढ़ें

नोएडा का वन स्टॉप सेंटर। जागरण
HighLights
वन स्टॉप सेंटर ने 1,022 से अधिक महिलाओं की मदद की।
छोटे विवादों पर टूटने वाले 950 से अधिक रिश्ते सुलझाए गए।
काउंसलिंग, कानूनी सहायता से परिवारों को फिर से जोड़ा गया।
स्वाति भाटिया, नोएडा। मोबाइल पर आया सिर्फ एक हैलो और पत्नी को लगा कि पति का किसी से अफेयर है। छह महीने तक मायके में रही, बात तलाक तक पहुंच गई। दूसरी कहानी में कोई तीसरा व्यक्ति नहीं था, बस एक प्लेट मैगी थी।
पति को बिना प्याज की मैगी पसंद थी, पत्नी ने प्याज-टमाटर डाल दिए। बात इतनी बढ़ी कि पत्नी बैग लेकर मायके चली गई। दोनों मामलों में रिश्ता टूटने से पहले एक जगह पहुंचा।
सेक्टर-62 का वन स्टॉप सेंटर। यहां काउंसलिंग ने आरोपों और नाराजगी के बीच बातचीत की जगह बनाई और दोनों परिवार फिर साथ आ गए।
एक साल में सेंटर पर 1,022 से अधिक महिलाओं ने सहारा लिया, जिनमें 950 मामलों का निस्तारण हो चुका है। यहां आने वाली महिलाओं की समस्याओं में परिवार से बिछड़ना, घरेलू विवाद, रास्ता भटकना और किसी के बहकावे में आना प्रमुख हैं।
महिला की स्थिति के अनुसार काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहयोग और कानूनी सहायता दी जाती है। जरूरत पड़ने पर सेंटर में सात दिन तक सुरक्षित ठहरने की सुविधा भी उपलब्ध है।
पहले समझते हैं, फिर जोड़ते हैं
पारिवारिक विवादों में एफडीआरसी के सहयोग से 950 मामलों का निस्तारण हुआ है, जबकि 25 मामले मीडिएशन में हैं। निस्तारित मामलों में केवल 57 मामलों में पुलिस केस दर्ज हुआ।
शेष मामलों में काउंसलिंग और आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। महिला और परिवार की स्थिति समझने के बाद सेंटर की टीम परिवार से संपर्क कर सुरक्षित वापसी की राह तलाशती है।
हैलो से तलाक तक पहुंची बात
नवविवाहिता ने पति के मोबाइल पर अनजान व्यक्ति का ‘हैलो’ संदेश देखा और इसे अफेयर से जोड़ लिया। वह छह माह के लिए मायके चली गई।
तलाक की नौबत आने पर मामला सेंटर पहुंचा। काउंसलर ने पहले दोनों की अलग-अलग और फिर साथ में काउंसलिंग की। तीन सत्रों के बाद गलतफहमी दूर हुई और दंपती ने फिर साथ रहने का फैसला किया।
प्याज ने बिगाड़ी मैगी, बात पहुंची मायके
दूसरे युवा दंपती में पति को बिना प्याज की सूखी मैगी पसंद थी, जबकि पत्नी ने प्याज-टमाटर डाल दिए। पति की नाराजगी पत्नी को नागवार गुजरी और वह मायके चली गई। मामला वन स्टॉप सेंटर पहुंचा। चार काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच बातचीत हुई और रिश्ता फिर जुड़ गया।
बीते कुछ माह में आए नए केस
- मई 30
- जून 25
- जुलाई 35
- अगस्त 22
हर विवाद का समाधान पुलिस कार्रवाई से ही हो, यह जरूरी नहीं। कई मामलों में समय पर काउंसलिंग, कानूनी मार्गदर्शन और दोनों पक्षों के बीच संवाद परिवार को टूटने से बचा सकता है। हमारा प्रयास है कि महिला को सुरक्षा के साथ उसकी परिस्थिति के अनुरूप उचित सहायता मिले।
-सुनिति, डीसीपी, महिला सुरक्षाकई मामलों में केवल बातचीत के आधार पर काउंसिलिंग और कानूनी मार्गदर्शन से गलतफहमी दूर हो जाती है। हमारा प्रयास महिला सुरक्षा के साथ परिवारों को जोड़ने का रहता है।
-मनोज कुमार, डीपीओ, महिला कल्याण विभाग
