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Exclusive: नोएडा में नाम बदलकर जमीन बेचने का खेल, 8 साल से सक्रिय गिरोह के 9 सदस्य फरार; कैसे हो रहा फर्जीवाड़ा?

Published: Mon, 26 Oct 2026 11:35 AM (IST)

गौतमबुद्ध नगर में आठ साल से सक्रिय एक संगठित गिरोह ने फर्जी जमीन मालिक बनकर लोगों से करोड़ों रुपये की ...और पढ़ें

जमीन के फर्जी मालिक खड़े कर लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाला एक संगठित गिरोह गौतमबुद्ध नगर में आठ साल से सक्रिय है।

जमीन के फर्जी मालिक खड़े कर लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाला एक संगठित गिरोह गौतमबुद्ध नगर में आठ साल से सक्रिय है। 

HighLights

  1. 8 साल से सक्रिय गिरोह ने करोड़ों की ठगी की।

  2. 20 एफआईआर के बावजूद 9 सदस्य फरार हैं।

  3. फर्जी मालिक बनकर सस्ती जमीन का लालच देते थे।

मुनीश शर्मा, नोएडा। जमीन के फर्जी मालिक खड़े कर लोगों को करोड़ों का चूना लगाने वाला एक संगठित गिरोह गौतमबुद्ध नगर में आठ साल से सक्रिय है। 20 मामलों में इन पर मुकदमा हो चुका है। कुछ मामलों में केस दर्ज नहीं हुए। लोगों से यह 50 करोड़ ठग चुके हैं।

जेल सिर्फ एक ही जालसाज कविंद्र भाटी निवासी मकौड़ा ग्रेटर नोएडा गया है। बाकी नौ सदस्यों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। कविंद्र की एक माह पहले हरियाणा के भोंडसी जेल में बीमारी के कारण मौत हो चुकी है।

कई राज्यों में कर चुके हैं घपला

कुछ दिन पहले इन्होंने सेक्टर 150 चूहड़पुर गांव में सस्ती जमीन दिलाने का सौदा कर करोड़ों रुपये की ठगी की थी। कविंद्र और उसके गिरोह के सदस्य नाम बदलकर आठ साल से लोगों को ठग रहे हैं।

सभी दर्ज मामलों में नाम अलग-अलग है, लेकिन फोटो सभी जगह इन्हीं दस लोगों के हैं। गौतमबुद्ध नगर में जमीनों की दर आसमान छू रही है। देश के विभिन्न राज्यों से लोग जमीन खरीदने आते हैं। इन्हीं को यह जाल में फंसाते हैं।

डेढ़ साल में 20 लोगों को बनाया शिकार

विगत डेढ़ साल में आगरा, दिल्ली, फरीदाबाद आदि जगहों के रहने वाले 20 लोग इस गिरोह के जाल में फंसकर सात करोड़ रुपये गवां चुके हैं।

कविंद्र के अलावा धर्मवती, मनोज भारद्वाज, कौशल प्रताप सिंह, रमन चौधरी, सचिन मित्तल, सचिन भाटी, रिंकू भाटी, सतेंद्र आदि हैं, जबकि यह अपने नाम सतीश, ललित, राघवेंद्र, कृष्णा, धर्म सिंह, हसरत नाम बताते हैं।

कुछ पीड़ितों ने पुलिस को सभी के फोटों उपलब्ध कराए हैं। फोटो देने के बाद भी आरोपित कार्रवाई के दायरे में नहीं आए हैं। यह कमिश्नरेट पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करने के लिए पर्याप्त है।

पीड़ितों की लंबी है फेहरिस्त

 

क्र.

पीड़ित का नाम

मुकदमा दर्ज स्थान

ठगी की रकम (रुपये में)

1

जय भगवान

सूरजपुर

80 लाख

2

मनीष भाटिया

सूरजपुर

25 लाख

3

राजीव खुराना

मोदीनगर

31 लाख

4

सोनू सिंह

सूरजपुर

11 लाख

5

विनोद शर्मा

सूरजपुर

25 लाख

6

राजेश डागर

गुरुग्राम

45 लाख

7

अशोक शर्मा

इकोटेक वन

14 लाख

8

तैय्यब खान

मसूरी, गाजियाबाद

88 लाख

9

राम सिंह

सूरजपुर

15 लाख

10

राहुल पांचाल

सूरजपुर

20 लाख

11

अब्दुल कलाम

दर्ज नहीं

52 लाख

12

महेश चंद्र

जरीफनगर, बदायूं

18 लाख

13

ओम प्रकाश

सूरजपुर

22 लाख

14

राहुल

गुरुग्राम

66 लाख

15

दीपक डागर

फरीदाबाद

1.05 करोड़

16

बाल किशन

दर्ज नहीं

49 लाख

17

अभिषेक त्यागी

मुजफ्फरनगर

23 लाख

18

आलोक अग्रवाल

आगरा

24 लाख

19

तपन कुमार दास

फरीदाबाद

35 लाख

20

पुष्कर सिंह

सूरजपुर

41 लाख

कुल

20 पीड़ित

-

7.59 करोड़

कुल ठगी की रकम: 7 करोड़ 59 लाख रुपये।

कैसे चला रहे ठगी का यह कारोबार?

गिरोह नोएडा में नामी ग्रुप व कंपनी की जमीन बेचने का विज्ञापन निकालकर खरीदारों के संंपर्क में आते हैं। तहसील में जमीन के अभिलेख चेक कराने के बाद खुद के साथी को जीएम या कंपनी प्रतिनिधि के रूप में पेश कर बैठक करते हैं।

जमीन का 25 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर रेट है तो वह दो हजार रुपये कम पर भूमि दिलवाने का लालच देते हैं। जमीन 20 करोड़ रुपये या इससे कम की है तो खुद भी डील में शामिल होकर कुल राशि का 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा ले लेते हैं।

बयाने के दो से तीन करोड़ रुपये लेकर गायब हो जाते हैं। हर डील में यह अपना नाम बदल लेते हैं, लेकिन एग्रीमेंट पर फोटों हर बार इन्हीं का लगता है।

जमीन के ऐसे जालसाजों से कैसे बचें?

जमीन खरीदने से पहले मालिक के पते पर पहुंचकर जांच करें कि डील करने वाला सही व्यक्ति है अथवा नहीं। तहसील से 12 साला व 40 साला अभिलेख जरूर जांच करें। ग्राम के लेखपाल से जमीन मालिक की जानकारी की जा सकती है।

साक्ष्य जुटाकर जेल भेजने का दावा

पीड़ितों की शिकायत पर मामले दर्ज कर जांच कराई जा रही है। किसी भी दोषी को बख्सा नहीं जाएगा। साक्ष्य जुटाकर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

-प्रवीण रंजन सिंह, डीसीपी सेंट्रल नोएडा।

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