'जमीन हमारी, तो हम अतिक्रमणकारी कैसे?' नोएडा के 81 गांवों में गहराया भूमि विवाद, अथॉरिटी से सवाल कर रहे किसान
नोएडा के 81 गांवों के किसानों ने सर्फाबाद में बैठक कर प्राधिकरण द्वारा उन्हें अतिक्रमणकारी कहे जाने पर आपत्ति जताई।

HighLights
भारतीय किसान संगठन ने 81 गांवों की समस्याओं पर चर्चा की।
नोएडा प्राधिकरण द्वारा किसानों को अतिक्रमणकारी कहने पर रोष।
स्थाई सीवर और पानी कनेक्शन की मांग पर जोर दिया।
जागरण संवाददाता, नोएडा। 81 गांवों की समस्याओं पर चर्चा के लिए शुक्रवार को ग्राम सर्फाबाद में भारतीय किसान संगठन की बैठक आयोजित की गई। किसानों को अतिक्रमणकारी कहे जाने पर रोष व्यक्त किया गया। प्राधिकरण की ओर से गांवों में सीवर और जल के स्थाई कनेक्शन देने के लिए शिविर लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता पप्पू पहलवान ने की।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र यादव ने कहा कि नोएडा विकास प्राधिकरण ने स्थानीय किसानों को अतिक्रमणकारी बताया है, जबकि किसानों ने सीधे तौर पर प्राधिकरण को जमीन नहीं दी। असल में, जमीन जिला प्रशासन को दी गई थी, जिसने इसे नोएडा प्राधिकरण को सौंपा।
किसान आज भी अपनी जमीन पर काबिज हैं, जिसका प्रतिकर उन्होंने नहीं लिया। जिला प्रशासन ने किसानों के नाम काटकर प्राधिकरण में दर्ज कर दिया है। इस मामले में किसान नहीं, बल्कि जिला प्रशासन दोषी है। प्राधिकरण को जिला प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, न कि किसानों के खिलाफ।
ग्रामवासी कर रहे स्थाई कनेक्शन की मांग
महानगर अध्यक्ष दीपू यादव ने कहा कि स्थाई सीवर और पानी कनेक्शन देने में क्या समस्या है, जबकि ग्रामीण इसे चाहते हैं। अधिकांश गांवों में जल और सीवर की आपूर्ति सुचारू है, फिर भी कनेक्शन में क्या दिक्कत है? सभी ग्रामवासी स्थाई कनेक्शन की मांग कर रहे हैं।
किसान गजेंद्र ने कहा कि हमें आबादी निस्तारण पर ध्यान देना चाहिए। नोएडा प्राधिकरण हमें अतिक्रमणकारी बता रहा है, जबकि जमीन हमारी है। जब तक हम अपने घर के असली मालिक नहीं बन जाते, यह मुहिम जारी रहेगी।
बैठक में 81 गांवों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया। इस अवसर पर आदेश यादव पहलाद, गजेंद्र यादव, मुकेश यादव, मस्तराम यादव, केपी सिंह, पूर्ण प्रधान पिंटू पहलवान, पप्पू यादव, राकेश यादव, राहुल यादव समेत अन्य उपस्थित रहे।
