पहले से थी हिंसा की आशंका, फिर भी क्यों सोया रहा प्रशासन? डीएम की अपील फेल, पुलिस की चौकसी पर भी उठे सवाल
गौतमबुद्धनगर के कई सेक्टरों में श्रमिकों का वेतन वृद्धि को लेकर प्रदर्शन उग्र हो गया। जिलाधिकारी की शांति बनाए रखने ...और पढ़ें
HighLights
डीएम की अपील के बाद भी नोएडा में मजदूर प्रदर्शन उग्र।
वेतन वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा सहित कई मांगों पर श्रमिक अड़े।
आगजनी, पत्थरबाजी से स्थिति बिगड़ी, पुलिस खुफिया तंत्र फेल।
डिजिटल डेस्क, नोएडा। गौतमबुद्धनगर के कई सेक्टरों में श्रमिक वेतन बढ़ाने की मांग करते हुए प्रदर्शन करा रहे हैं। सोमवार को प्रदर्शन उग्र हो गया। आगजनी और पत्थरबाजी के साथ ही शासन-प्रशासन और मिल-फैक्ट्रियों के मालिकों के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे।
नोएडा फेस-टू घूम-घूमकर उन कंपनियों को निशाना बनाने लगे, जो खुली मिलीं। वह भी तब जब एक दिन पहले ही नोएडा की जिलाधिकारी ने एक वीडियो जारी कर अफवाहों से दूर रहने की अपील की थी। उनसे शांति बनाए रखने के लिए कहा था। इसके बाद भी पुलिस का सूचना तंत्र अराजकता की आशंकाओं को भांपने और रोकने में नाकामयाब रहा।
डीएम ने किए कई वादे
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा था कि राज्य सरकार श्रमिक व उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। औद्योगिक शांति एवं श्रमिक कल्याण सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

नवीन श्रम संहिताओं के तहत श्रमिकों के हित में न्यूनतम वेतन की गारंटी, समय पर पूरा वेतन भुगतान, समान कार्य-समान वेतन, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, कार्य समय का नियमन, शोषण पर रोक, ईपीएफ व ईएसआई, ग्रेच्युटी, असंगठित व गिग श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा जैसे कई नियम ला रहे हैं।
इसके अलावा रोजगार सुरक्षा, छंटनी की स्थिति में विधिक मुआवजा, नोटिस वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, साप्ताहिक अवकाश, महिला श्रमिकों के लिए प्रविधान व शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है।

अफवाहों से दूर रहने की अपील
उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कारखाना प्रबंधन को निर्देश दिया कि शासन द्वारा गाइडलाइंस को प्रत्येक इकाई के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चस्पा करें।
श्रमिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कारखाना प्रबंधन जल्द सौहार्दपूर्ण संवाद स्थापित कर शासन की गाइडलाइंस के अनुरूप समुचित जानकारी उपलब्ध कराए। श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे चालू रखें।
इसी बीच डीएम ने यह भी चेताया था कि प्रदर्शनकारी श्रमिक अपने काम पर लौट जाएं। उनकी मांगों पर कार्य किया जा रहा है। वे किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं। अफवाहों से दूर रहें। शांति व्यवस्था को बहाल करने में सहयोग करें।

पुलिस का सूचना तंत्र हुआ 'फेल'
नोएडा प्रशासन की ओर से अफवाहों और बहकावे की बातों को कहने के बाद भी पुलिस का सूचना तंत्र इस बात की टोह लगाने में नाकाम रहा कि अब प्रदर्शन उग्र हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने बातचीत में यह भी बताया कि वे तो शांति से बैठे हुए थे। पुलिस ने ही आकर उन पर अचानक लाठी बरसानी शुरू कर दी थी। मदरसन में कार्यरत लक्ष्मी ने यह बात समाचार एजेंसी एनआई से कही।

डीजीपी ले रहे पल-पल की खबर
इस बीच यह भी सूचना मिल रही है कि यूपी पुलिस लखनऊ स्थित हेडक्वार्टर से नोएडा हिंसा की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी अमिताभ यश कंट्रोल रूम से हालात पर नजर रखे हुए हैं। नोएडा में प्रदर्शनकारियों के पीछे छुपे उपद्रवियों की पहचान जारी कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।

एडीएम ने भी श्रमिकों से किए थे वादे
एडीएम मंगलेश दुबे ने रविवार को कहा था कि अनावश्यक किसी भी श्रमिक को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा, उसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी। प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाएगा, यदि रविवार को कार्य कराया जाता है तो उसका भुगतान भी दोगुना दर से किया जाएगा।
सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से घोषित की जाने वाली वेतन वृद्धि को लागू तिथि से सभी श्रमिकों को इस तिथि से प्रदान की जाएगी। फिर भी श्रमिकों के साथ तालमेल बैठाने में कंपनियों का प्रबंधन नाकाम रहा।
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