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उत्तर भारत की आर्थिक ग्रोथ का इंजन होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, विदेशी बाजारों तक पहुंच होगी आसान

Published: Sat, 28 Mar 2026 11:07 PM (IST)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था को गति देगा। यह गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद से रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स और ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एयरपोर्ट से कृषि उत्पादों को मिलेगा सीधा विदेशी बाजार।

  2. उद्योगों और पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के नए अवसर।

  3. यूपी की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन लक्ष्य में मदद।

धर्मेंद्र चंदेल, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ उत्तर भारत की आर्थिक भी उड़ान भरेगी। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण से लेकर कृषि उत्पाद को सीधे विदेशी बाजार तक पहुंच मिलेगी। इसका सीधा फायदा उद्यमियों के साथ किसानों को होगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

खासकर मध्य पूर्वी व पश्चिमी एशिया में फल और सब्जी के कारोबार को अत्याधिक बढ़ावा मिलेगा। अगरा, फिरोजाबाद, एटा, इटावा व कानपुर के किसानों से लेकर मध्यप्रदेश के ग्वालियर तक के किसान फल और सब्जियों को मध्य पूर्वी व पश्चिमी एशिया में बेचकर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे।

फल और सब्जी पश्चिमी एशिया तक भेज सकेंगे

वह अपने नजदीकी नोएडा एयरपोर्ट से प्रतिदिन ताला फल और सब्जी मध्य पूर्वी व पश्चिमी एशिया में भेज सकेंगे। उत्तर भारत के अन्य किसान भी पैदा होने वाले फल, सब्जी फूल व अन्य कृषि उत्पाद यहां से दुनिया के बाजार तक ले जाएंगे। किसानों को आमदनी बढ़ने के साथ उद्योगों में युवाओं के लिए रोजगार की अवसर भी बढ़ेंगे।

इससे उत्तर भारत का आर्थिक ग्राेथ को तेजी मिलेगी साथ ही यूपी सरकार के एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल होगा। दुग्ध उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्गो टर्मिनल पर कोल्ड चेन बनाई गई

उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और जम्मू कश्मीर के उद्योगों में तैयार होने वाले दूग्ध उत्पाद भी नोएडा इंटरनेशनल के कार्गो टर्मिनल तक सड़क मार्ग से पहुंचने के बाद हवाई मार्ग के जरिये मध्य पूर्व एशिया, यूरोप आदि देशों के बाजार तक कम समय में पहुंचेंगे। कार्गो टर्मिनल पर कोल्ड चेन बनाई गई है। यहां खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थापित हो रही हैं।

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गौतमबुद्ध नगर ने देश के पचास प्रतिशत मोबाइल का निर्माण हो रहा है। इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों के निर्माण में भी सैकड़ों इकाईयां स्थापित हो चुकी है। यीडा क्षेत्र में ही हैंडीक्राफ्ट, एमएसएमई, अपैरल, मेडिकल डिवाइस, टाय आदि पार्क विकसित हो रहे हैं। सेमीकंडक्टर चिप का भी निर्माण होगा। रेडीमेड गारमेंट पहले से ही स्थापित है।

कारोबार व रोजगार के अवसर अधिक मिलेंगे

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इन उद्योगाें को देशी विदेशी बाजार तक पहुंच तेज होगी। आगरा, मथुरा व वृदांवन में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने से राजस्व तो मिलेगा ही, साथ ही इन शहरों में अधिक संख्या में पर्यटक आने से स्थनीय लाेगों के लिए कारोबार व रोजगार के अवसर अधिक मिलेंगे।

खासकर होटल उद्योग और टैक्सी सर्विस से लोगों को रोजगार मिलेगा। आसपास के गांवों में मकान किराए पर उठाए जाएंगे तो आमदनी अधिक होगी। एयरपोर्ट पर करीब आठ हजार कर्मचारी काम करेंगे। वह भी आसपास रहेंगे तो उनके लिए दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराने से स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ृेगी।

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