नोएडा बस हादसा: 80% से ज्यादा जल चुके थे शव, डीएनए से पहले 'गहनों और कपड़ों' से हुई पहचान
यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई, जिनके शव 80% से अधिक जल ...और पढ़ें

मुनीश शर्मा, नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत ने हर किसी को अंदर तक हिला कर रख दिया। हादसे के बाद जिसने भी खौफनाक मंजर देखा। उसकी रूह तक कांप गई। नौ लोगों में अधिकांश के शव 80 प्रतिशत से ज्यादा जलने के कारण के कंकाल बन गए थे। भयावह मंजर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने चार शवों को कफन की गठरियों में एकत्रित कर मोर्चरी तक पहुंचाया।
जबकि पांच शवों को काले बाड़ी बैग में लेकर पहुंची। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट में तो अभी समय लगेगा लेकिन ज्यादातर शवों की पहचान ज्वैलरी या अन्य किसी निशानी से हो गई। जैसे-जैसे जानकारी लगती गई स्वजन बृहस्पतिवार को नोएडा सेक्टर 94 स्थित मोर्चरी पहुंचे। हादसे के बारे में सुनकर भी मृतकों के रिश्तेदारों के पहुंचने का तांता लगा रहा।
इनमें से हमीरपुर की सरोज गुप्ता, मयंक गुप्ता, ऊषा देवी, उरई जालौन की हरिशरण गुप्ता, हिसार के देवेंद्र सहायक भारद्वाज, मप्र छतरपुर की श्रृति रावत की उनके स्वजन ने कपड़े, गहने व सामान आदि से पहचान की, जबकि शुक्रवार को महोबा के रहने वाली सुनीता, शशांक और ग्रेटर नोएडा सूरजपुर के ओमप्रकाश की भी पहचान हो गई। स्वजन ने गहने आदि से पहचान की। शव इस स्थिति में थे कि पुलिस और फारेंसिंक एक्सपर्ट के लिए भी पहचान करना चुनौती भरा रहा था।
पहली बार देखा ऐसा मंजर
पोस्टमार्टम हाउस में काम करने वाले एक कर्मी ने बताया कि वह 12 साल से यहां पर तैनात हैं। पहले पानी में डूबने के मामले में एक साथ पांच-छह शव का पोस्टमार्टम करा चुके हैं। यहां तक कई दिन पुराने गले सड़े शव आ चुके हैं, लेकिन नौ शव एक साथ जले हुए पहली बार पहुंचे हैं। सभी 80-90 प्रतिशत तक जले हुए थे। ऐसा मंजर पहली बार देखा।
डीएनए जांच को अस्थी मज्जा के सैंपल
फारेंसिंक एक्सपर्ट ने बताया कि सभी नौ शवों के डीएनए टेस्ट के लिए अस्थी मज्जा के सैंपल लिए गए हैं। यह सैंपल पुलिस को सौंप दिए गए हैं। इसके आधार पर किसी की भी स्पष्ट डीएनए जांच करना संभव है। यह सबसे विश्वसनीय जांच मानी जाती है।
हादसे में शामिल नौ मृतकों की ऐसे हुई पहचान
| मृतक | निशानी | जलना प्रतिशत |
|---|---|---|
| श्रृति | कपड़े और ब्रेसलेट | 80 प्रतिशत |
| सरोज गुप्ता | चूड़ियां और कपड़े | 85 प्रतिशत |
| ऊषा देवी | पाजेब | 80 प्रतिशत |
| मयंक गुप्ता | कपड़े | 80 प्रतिशत |
| देवेंद्र भारद्वाज | कपड़े | 80 प्रतिशत |
| हरिशरण | कपड़े | 85 प्रतिशत |
| सुनीता | अंगूठी | 90 प्रतिशत |
| शशांक | छल्ला | 85 प्रतिशत |
| ओमप्रकाश | चेन | 85 प्रतिशत |
