नोएडा एयरपोर्ट वन्यजीव पुनर्वास केंद्र तैयार, हैंडओवर में देरी से वन्यजीवों की देखभाल अटकी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास वन्यजीव पुनर्वास केंद्र की इमारत तैयार है, लेकिन छोटी कमियों और अधूरे कार्यों के कारण ...और पढ़ें

HighLights
नोएडा एयरपोर्ट के पास वन्यजीव पुनर्वास केंद्र की इमारत तैयार।
छोटी कमियों के कारण वन विभाग को हैंडओवर में देरी।
3.41 करोड़ की लागत से यमुना प्राधिकरण ने कराया निर्माण।
चेतना राठौर जागरण, नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट वन्यजीवों के लिए विशेष पुनर्वास केंद्र की इमारत तैयार होने के बाद हैंडओवर नहीं हुई है। 3.41 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस इमारत में अभी छोटी-छोटी तमाम कमियां हैं।
यह इमारत जून में विन विभाग को हैंडओवर होनी थी। इमारत में सुविधाओं के जरूरी कार्य अधूरे होने से यह डेडलाइन के तीन माह बीतने के बाद यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इमारत का निर्माण यमुना प्राधिकरण ने कराया।
यहां पुनर्वास केंद्र शुरू नहीं होने से एयरपोर्ट निर्माण में प्रभावित वन्यजीवों के चोटिल होने पर परिसर में ही उपचार कर जंगल में छोड़ा जाता है।
बता दें नोएडा एयरपोर्ट निर्माण में कई गांव विस्थापित हुए। यहां पुराने प्राकृतिक जंगल भी थे। एयरपोर्ट बनने दौरान यहां रहने वाले वन्यजीवों के लिए संकट हुआ। इसी के लिए यहां पुनर्वास केंद्र बनाया। यहां घायल और चोटिल वन्यजीवों का उपचार होगा।
पुनर्वास केंद्र की इमारत तैयार हो गई है। कुछ कमियां हैं उनको पूरा नहीं करने से इमारत वन विभाग को हैंडओवर नहीं हाे सकी है।
कब होगी इमारत हैंडओवर?
पुनर्वास केंद्र बनने और हैंडओवर का प्रस्ताव मिलने पर वन विभाग की टीम यहां निरीक्षण करेगी। कमियां मिलने पर यमुना प्राधिकरण को उन्हें दूर करने के लिए कहा जाएगा।
सभी व्यवस्थाएं और सुविधाएं ठीक मिलने पर इमारत हैंडओवर होगी। केंद्र वन विभाग को मिलने के बाद जानवरों के लिए पिंजरा, मेडिकल उपकरण और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था होगी।
केंद्र में घायल और रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों की देखभाल और डॉक्टर की टीम उनका उपचार करेगी। केंद्र के आसपास 10 किलोमीटर क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण पर विशेष जोर रहेगा। एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र में रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों को उपचार और देखभाल के लिए यहां लाया जा सकेगा।
जू अथॉरिटी आफ इंडिया से मिल चुकी है मंजूरी
वन्यजीव पुनर्वास केंद्र की इस परियोजना को जू अथारिटी आफ इंडिया की मंजूरी मिल चुकी है। केंद्र के निर्माण पर करीब 3.41 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्राधिकरण की ओर से टेंडर प्रक्रिया से पुनर्वास केंद्र को बनाया जा रहा है।
पुनर्वास केंद्र की इमारत बनकर तैयार हो चुकी है लेकिन बिजली का कुछ काम बकाया है जिस कारण वन विभाग को इमारत अभी सुपुर्द नहीं की जा सकी है।
-आनंद मोहन सिंह, उपनिदेशक, यमुना प्राधिकरण
यमुना प्राधिकरण की ओर से पुनर्वास केंद्र की इमारत नहीं दी गई है,इमारत मिलने के बाद टीम निरीक्षण करेगी। व्यवस्थाएं ठीक पाए जाने पर मेडिकल स्तर की व्यवस्थाएं की जाएंगी।
-रजनीकांत मित्तल, प्रभागीय वनाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर
