जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार को परिवेशीय वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार देखने को मिला, लेकिन तापमान में कोई विशेष कमी न होने के चलते राहगीर गर्मी व उमस से हलकान रहे। बृहस्पतिवार को शहर की वायु में पीएम 2.5 की मात्रा 186.87 माइक्रो ग्राम/घन मीटर दर्ज की गई जो बृहस्पतिवार को 240 के स्तर पर थी। वहीं पीएम-10 की मात्रा 876.99 माइक्रो ग्राम/घन मीटर दर्ज की गई जो बृहस्पतिवार को 876. 99 माइक्रो ग्राम/घन मीटर थी। राजस्थान से आ रही हवाओं की वजह से पिछले तीन दिनों के दौरान वातावरण में प्रदूषण का स्तर बीते चार माह के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 11 जून को ग्रेटर नोएडा के वायुमंडल में पीएम-10 की मात्रा 240 माइक्रो ग्राम/घन मीटर थी, जो अगले ही दिन 12 जून को दोगुने से भी ज्यादा 524 माइक्रो ग्राम/घन मीटर तक पहुंच गई। वहीं 13 जून को इसमें और इजाफा हुआ और यह 960.71 माइक्रो ग्राम/घन मीटर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। प्रदूषण को देखते हुए बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से एक बैठक बुलाई गई, जिसमें दिल्ली एनसीआर में भवन निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। डीएम ने लिखा तीनों प्राधिकरण को पत्र : वातावरण में बढ़ते वायु प्रदूषण पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी बीएन ¨सह ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी, तीनों एसडीएम व अन्य प्रशासनिक विभागों को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने अपने पत्र में एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) द्वारा बनाए गए ग्रेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का हवाला देते हुए कहा है कि जिस तरह से पिछले दो दिनों के दौरान प्रदूषण में इजाफा हुआ है, उसको देखते हुए स्थिति सामान्य होने तक धूल भरी जगहों पर नियमित रूप से पानी के छिड़काव करने, भवन निर्माण रोकने व स्टोन क्रशर तथा हॉट मिक्स प्लांट को बंद रखा जाए।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021