घनश्याम पाल, बिलासपुर:

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत घंघोला कालदा नहर पटरी से रबूपुरा तक बनाई जा रही सड़क में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा था। ग्रामीणों ने इसका विरोध कर बुधवार को काम रुकवा दिया था। सूचना पाकर विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। अब अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार जगह-जगह जोड़ लगा कर खानापूर्ति कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि घंघोला नहर पटरी से रबूपुरा तक 17 किमी लंबी सड़क लगभग नौ करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में स्वीकृत की गई। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा डामर की इतनी पतली परत बिछाई जा रही थी, जिस पर दोपहिया वाहन भी नहीं चल पाएं। ग्रामीणों ने काम देखा तो विभागीय अधिकारियों को सूचना देकर नाराजगी जताई। साथ ही कई गावों के लोगों ने संजय नवादा व पीपलका गांव के पूर्व प्रधान राजेंद्र प्रधान के नेतृत्व में मानक के अनुरूप निर्माण कार्य कराने की मांग करते हुए पीडब्ल्यूडी जेई को बंधक बनाकर बैठा लिया।

जेई ने बताया कि आर्यन कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माण करा रही है। सफाई के बाद प्राइम कोट कर 20 एमएम मोटा व 3.75 मीटर चौड़ा डामरीकरण निर्माण कार्य होना है। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष तक मरम्मत कार्य उक्त कंपनी ही कराएगी। बुधवार शाम एक्सईएन चंद्रशेखर, ऐई सुदीप व जेई अनिल कुमार ने दो किलोमीटर तक घटिया सामग्री से बनी सड़क को हटा कर दोबारा मानक के अनुरूप निर्माण कार्य कराने का आश्वासन दिया, जिसपर ग्रामीण सड़क बनाने के लिए राजी हुए थे।

आरोप है कि अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से जगह-जगह जोड़तोड़ लगाकर खानापूर्ति कर सड़का का निर्माण कर रहे हैं। ग्रामीण देवकरन नागर (पीपलका) संजय (नवादा) नूर मोहम्मद (हतेवा), रणवीर मास्टर, राजकुमार नागर (कनारसी) महकार मास्टर (चचूला) वीरपाल सिंह (धनौरी) सतपाल मावी (मिलक) राजपाल सिंह (नियाना) धर्मेद्र भाटी (अमीनाबाद) आदि लोगों ने बताया कि सड़क में जोड़ नहीं लगने देंगे। अगर समय रहते सड़क से घटिया निर्माण सामग्री नहीं हटाई गई तो शासन प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए सभी गांवों के लोग तैयार हैं।

Edited By: Jagran