ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। यमुना प्राधिकरण ने एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए भूखंड योजना निकाली है। योजना में चार हजार वर्गमीटर से बड़े आकार के भूखंडों का आवंटन होगा। इस श्रेणी में प्राधिकरण पहली बार ई नीलामी से भूखंड आवंटन करेगा।

यमुना प्राधिकरण आवासीय को छोड़कर अन्य श्रेणी में भूखंड आवंटन के लिए ई नीलामी की व्यवस्था लागू कर चुका है। प्राधिकरण अभी तक औद्योगिक श्रेणी में चार हजार वर्गमीटर व उससे छोटे आकार के भूखंड का आवंटन लाटरी व बड़े आकार के भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार के आधार पर करता था, लेकिन अब इसके लिए भी ई नीलामी की व्यवस्था लागू कर दी है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने सेक्टर 32, 33 में सामान्य उद्योग व एमएसएमई के लिए चार हजार वर्गमीटर से बड़े आकार के भूखंड की योजना निकाली है। 23 जून को ई नीलामी होगी।

सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि योजना में आठ जून तक प्रदेश सरकार के निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए जाएंगे। 23 जून को छह भूखंडों के लिए ई नीलामी होगी।

सीईओ का कहना है कि अनुभव, पूंजी निवेश, रोजगार सृजन, इकाई को शुरू करने में लगने वाला समय आदि के आधार पर आकलन किया जाएगा। आब्जेक्टिव पैरामीटर को पूरा करने वाले आवेदक ही ई नीलामी में शामिल हो सकेंगे।

मिनी बसों के लिए एक सप्ताह में जारी किए जाएंगे टेंडर

उधर, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के आंतरिक सेक्टर और एक्वा लाइन मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने के लिए मिनी बसें चलाने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए एक सप्ताह में टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। मार्च 2020 तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच 50 एसी बसें चलती थीं। कोरोना काल के दौरान इन बसों का संचालन बंद कर दिया गया।इसी दौरान नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनमआरसी) ने जांच कराई तो सामने आया कि इनके संचालन में अधिक घाटा हो रहा है।

इसको देखते हुए बसों का संचालन कर रही कंपनी के साथ अनुबंध निरस्त कर दिया गया। कंपनी ने इसके खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अभी इस मामले में सुनवाई चल रही है। इसी बीच लोगों की सहूलियत के लिए अब बड़ी एसी बसों की जगह मिनी बसें चलाने की तैयारी तेज कर दी हैं। बसों के साथ बाइक व कैब भी चलाई जा सकती है, लेकिन अभी पहले चरण में इनके चलने पर सहमति होना बाकी है। एनएमआरसी प्रबंध निदेशक रितु माहेश्वरी ने बताया कि मिनी बसों के लिए एक सप्ताह के अंदर टेंडर जारी कर दिया जाएगा।

Edited By: Abhishek Tiwari