यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Noida Authority: नोएडा में बिल्डरों पर होगा एक्शन? प्राधिकरण की आज होगी बैठक, किसानों को मिल सकती है खुशखबरी
Noida Authority News प्राधिकरण की आज दूसरी बैठक होने वाली है। इस बैठक में 26 प्रस्ताव बोर्ड की स्वीकृति के ...और पढ़ें

HighLights
- दस हजार करोड़ रुपये के ऋण समझौते का भी रखा जाएगा प्रस्ताव।
- औद्योगिक भूखंड योजना निकालने का रास्ता होगा साफ।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। चालू वित्तीय वर्ष में यमुना प्राधिकरण (Yamuna Authority) की दूसरी बोर्ड बैठक गुरुवार को होगी। चेयरमैन अनिल सागर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में 26 प्रस्ताव बोर्ड की मंजूरी के लिए पेश किये जायेंगे।
प्राधिकरण के पहले भाग में बोर्ड को राजस्व प्राप्ति और व्यय की जानकारी दी जाएगी, साथ ही दस हजार करोड़ रुपये के ऋण समझौते का प्रस्ताव भी जानकारी के लिए रखा जाएगा।
कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए बोर्ड की ली जायेगी मंजूरी
एयरपोर्ट के पास कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए भी बोर्ड की मंजूरी ली जायेगी। एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में, नेशनल कंपनी फॉर सिक्योरिटी रियल्टी ने घर खरीदारों के लिए परियोजना को पूरा करने के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश को स्वीकार कर लिया और यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा से प्रभावित दस हजार किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे की पहली किस्त वितरित करने का आदेश दिया।
बिल्डरों के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
अंतर्राष्ट्रीय इसमें हवाई अड्डे को गाजियाबाद (Ghaziabad News) से जोड़ने के लिए न्यू इंडिया रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण में प्राधिकरण की भागीदारी निर्धारित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। मथुरा के राया में हेरिटेज सिटी परियोजना की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के निर्माण अनुमोदन बोर्ड को अतिरिक्त समय देने के अलावा, अमिताभ कांत उन बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्णय ले सकते हैं जिन्होंने समिति की सिफारिशों का लाभ उठाने के लिए आवेदन नहीं किया था।
नोएडा हवाई अड्डे (Noida Airport) के कार्गो टर्मिनल को यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से जोड़ने के लिए तीस मीटर सड़क बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा औद्योगिक और संस्थागत भूखंडों के आवंटन की नीति को स्वीकार करने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है।
नई नीति के तहत दस हजार वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंडों का आवंटन नीलामी से और बड़े भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार से करने की नीति लागू की जाएगी। इसके बाद औद्योगिक भूखंड योजना निकालने का रास्ता साफ हो जाएगा।
