नोएडा, जेएनएन। एनसीआर में उत्तर प्रदेश के क्षेत्र के जिलों में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए एनवायरमेंट पॉल्यूशन प्रिवेंशन एवं कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को रणनीति बनाई। नोएडा के सेक्टर 27 स्थित जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव व सहारनपुर और मेरठ मंडल के अधिकारियों को संबोधित करते हुए ईपीसीए चेयरमैन डॉ. भूरेलाल ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। डॉ. भूरेलाल ने कहा कि एनसीआर के जिलों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए अधिकारी हरसंभव प्रयास करें। नियमों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से भी न हिचकें।

डॉ. भूरे लाल ने कहा कि दिल्ली की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र के शहरों के वाहनों के इंश्योरेंस को प्रदूषण प्रमाण पत्र से लिंक करने का प्रयास किया जाए। विद्युत आपूर्ति निर्बाध की जाए जिससे घरों व उद्योगों में डीजी सेट का प्रयोग न हो। निर्माण स्थलों पर सख्ती से नजर रखी जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी ने ग्रैप प्रणाली के तहत की गई कार्रवाई के बाद गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद की आबोहवा में पिछले वर्ष के मुकाबले आए सुधार की जानकारी प्रजेंटेशन के जरिए दी।

उन्होंने बताया कि ट्रैफिक कंजेक्शन के प्वाइंट को चिह्नित कर लिया गया है। बैठक में डॉ. भूरेलाल ने निर्देश दिए कि मल्टीलेवल पार्किंग में पूर्ण क्षमता का प्रयोग किया जाए। इसके अलावा सरफेस पार्किंग में फीस को बढ़ाया जाए। डॉ. भूरेलाल ने कहा कि सभी जिलों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिला प्रशासन के अधिकारी रात में उद्योगों का निरीक्षण करें। इस दौरान वहां हो रहे ईंधन की जांच की जाए। यदि किसी उद्योग में प्रतिबंधित ईंधन पाया जाता है, तो उस उद्योग को तुरंत सील कर दें।

ईपीसीए चेयरमैन ने कहा कि नोएडा व गाजियाबाद में कई ऐसे कूड़ाघर हैं, जहां कूड़े व प्लास्टिक में आग लगा दी जाती है। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर नियमित सफाई की जाए। दोषियों पर अधिक से अधिक जुर्माना लगाया जाए। निर्माणाधीन परियोजनाओं से धूल आदि न उड़े इसकी निगरानी हो। गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद में पैदल मार्ग पर संचालित रेहड़ी व ठेलियों को हटाया जाए।

कार्रवाई के लिए आपसी सामंजस्य बनाएं विभाग: मुख्य सचिव

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आर के तिवारी ने बैठक में मौजूद प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यावरण, मेरठ मंडलायुक्त अनीता मेश्रम, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के डीएम, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, सीईओ यमुना प्राधिकरण, सभी एसएसपी, सदस्य सचिव उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि अधिकारी अपने-अपने विभागों में सामंजस्य बैठाकर प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम उठाएं। उन्होंने ईपीसीए चेयरमैन को सख्ती का आश्वासन दिया। बैठक में एनसीआर के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के शहरों के कई विभागों के अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भी मौजूद रहे। बैठक में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत प्रभावी कार्रवाई पर भी चर्चा हुई।

डॉ. भूरे लाल (चेयरमैन, ईपीसीए) के मुताबिक, बैठक में अधिकारियों द्वारा आश्वस्त किया गया है कि सर्दी से पहले वायु प्रदूषण में और कमी लाई जाएगी। पिछले वर्ष के मुकाबले आबोहवा अच्छी हुई है। सतत निगरानी रखने व प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।

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Posted By: JP Yadav

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