नई दिल्ली/नोएडा, जागरण संवाददाता। Noida Inter National Airport:  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मेट्रो कनेक्टिविटी देने के लिए उत्तर प्रदेश व केंद्र सरकार के बीच सैद्धांतिक सहमति बन गई है। यह सहमति परियोजना की फंडिंग को लेकर बनी है। मेइसट्रो के निर्माण पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यमुना प्राधिकरण ने फंडिंग पैटर्न तय करने को उत्तर प्रदेश सरकार को पूर्व में रिपोर्ट भेजी थी। बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कनेक्टिविटी के लिए विभिन्न विकल्पों पर काम हो रहा है। मेट्रो इसी में शामिल है। एक्वा लाइन मेट्रो के नॉलेज पार्क दो स्टेशन से नोएडा एयरपोर्ट तक मेट्रो ले जाने की योजना है।

यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से इसकी व्यावहारिकता एवं विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई थी। करीब 36 किमी लंबे रूट पर मेट्रो के 19 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस परियोजना की लागत पांच हजार करोड़ आने का अनुमान लगाया गया है। यमुना प्राधिकरण के सेक्टरों को भी मेट्रो से भी कनेक्टिविटी मिलेगी।

यह भी जानें

  • डीएमआरसी की डीपीआर के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 35.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण होना है।
  • ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क से लेकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कुल 29 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं।
  • इस पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार तकरीबन 1050 करोड़ रुपये इस प्रोजेक्ट को मुहैया कराएंगीं।
  • शेष 450 करोड़ रुपये यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपने हिस्से से खर्च करेगा।
  • उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम वर्ष 2023 तक हर हाल में मेट्रो जेवर तक ले जाना चाहता है, क्योंकि तब तक यह से हवाई सेवा भी शुरू हो जाएगी।
  • दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
  • मेट्रो का दायरा बढ़ा तो लोग मेट्रो ट्रेन के जरिये दिल्ली और नोएडा एयरपोर्ट का सफर आसानी से तय कर सकेंगे।  

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