नोएडा [कुंदन तिवारी]। आम्रपाली और यूनिटेक के बाद अब देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट डेवलपर सुपरटेक ग्रुप पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। करीब तीन सौ करोड़ रुपये की बकाया रकम वसूलने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने मंगलवार को सुपरटेक के सेक्टर-74 स्थित ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या-01 पर आरसी जारी कर दी है। भूखंड पर वसूली भू-राजस्व विभाग की तर्ज पर की जाएगी। इस परियोजना में 80 फीसद निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, ऐसे 10 हजार फ्लैट का निर्माण शामिल है, जिसमें करीब 40,000 लोगों का सीधा प्रभावित होना तय माना जा रहा है।

बार- बार नोटिस के बावजूद नहीं किया बकाया जमा

नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-74 में सुपरटेक को जीएच-01 के रूप में 177960.50 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया है। इस पर एनसीआर की सबसे बड़ी हाउसिंग परियोजना का निर्माण चल रहा है, जिसके अंदर आवासीय-वाणिज्यिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। इस ग्रुप हाउसिंग भूखंड पर 22 से 24 मंजिला 40 टावर कैपटाउन सोसायटी के लिए तैयार किए जा रहे हैं। इसमें से 35 टावर का निर्माण पूरा कर 4000 लोगों को पजेशन दिया जा चुका है। बाकी पांच टावरों में फिनिसिंग का काम पूरा किया जा रहा है, जिसमें अगले तीन माह में पजेशन देने का काम निवेशकों को शुरू कर दिया जाएगा। इसी परियोजना के अंदर नार्थ आई के रूप में 66 मंजिला टावर खड़ा किया जा रहा है, जिसका पजेशन 2021 में दिया जाना है।

इसमें 2500 फ्लैट एलीट क्लास के लिए दो, तीन, चार बीएचके के साथ-साथ स्टूडियो अपार्टमेंट भी तैयार किए जा रहे है। हालांकि टावर में 52 मंजिला इमारतों को निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा ओ, आर, बी ब्लॉक है, इसमें तीन से चार टॉवरों का निर्माण किया जाना है, जिसमें 2000 फ्लैट शामिल है। इसके अलावा परियोजना में सोसायटी के अंदर नर्सिंग होम, स्कूल के साथ-साथ बड़े-बड़े वाणिज्यक प्रतिष्ठान का निर्माण शामिल है, कुछ का संचालन भी शुरू हो चुका है।

वहीं आर्थिक संकट से जूझ रहा नोएडा प्राधिकरण अब अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए बड़े-बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटा है। अब डिफाल्टर बकायेदारों पर सीधा शिकंजा कस रहा है, इसके तहत आरसी जारी हो रही है। इसीक्रम में मंगलवार को सुपरटेक के खिलाफ आरसी जारी की गई है।

 

रितु माहेश्वरी (मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा विकास प्राधिकरण) के मुताबिक, सुपरटेक को सेक्टर-74 में जीएच-1 177960.50 वर्ग मीटर जमीन आवंटित किया गया। बकाया जमा नहीं करने पर बिल्डर व प्रमोटर्स कई बार नोटिस जारी किया गया। नहीं जमा करने पर यूपी इंडस्ट्रियल एरिया डेवलेपमेंट एक्ट 1976 की धारा-40 की उक्त भूखंड पर 31 अक्टूबर 2019 तक किश्तों के रूप में 253 करोड़ 24 लाख 65 हजार 84 रुपये का बकाया हो गया। यही नहीं 31 अक्टूबर 2019 तक समय बढ़ोतरी के एवज में 39 करोड़ 90 लाख 55 हजार 66 रुपये हो गए। ऐसे में कुल 2 अरब 93 करोड़ 15 लाख 20 हजार 150 रुपये वसूलने के लिए आरसी जारी की गई। अब यह बकाया सुपरटेक की संपत्ति जब्त कर वसूल की जा सकती है।

आरके अरोड़ा (चेयरमैन, सुपरटेक) के मुताबिक, एनजीटी के कारण केपटाउन का निर्माण दो साल तक रुका रहा। उस समय प्राधिकरण और सरकार ने कहा था कि दो वर्ष का ब्याज वापस हो जाएगा, लेकिन किया नहीं गया। पिछले तीन वर्ष से दोनों से अपील कर रहे हैं, लेकिन वहां से केवल आश्वासन मिल रहा है। हमलोग इसके लिए फिर से अपील करेंगे।

 

Posted By: JP Yadav

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