यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नोएडा ट्विन टावर ध्वस्तीकरण: लोगों ने कहा- खिड़की खोलते ही भर आती है धूल, रात भर नहीं आती नींद
नोएडा सुपरटेक ट्विन टावर (Noida Twin Tower) के ध्वस्तीकरण को लेकर लोगों में अपने घरों को लेकर डर बैठा हुआ ...और पढ़ें

नोएडा, जागरण संवाददाता। नोएडा सुपरटेक ट्विन टावर (Noida Twin Tower) को गिरने वाले एजेंसी सुरक्षित ध्वस्तीकरण के लाख दावे कर रही है, लेकिन लोगों में अपने घरों को लेकर डर बैठा हुआ है। हर रात सोने से पहले लोग इसी बात पर विचार कर रहें हैं कि भगवान सबकुछ ठीक रखे। सालों की जमा पूंजी से बनाया आशियान सुरक्षित रहे।
एपेक्स और सियान टावर से महज नौ मीटर की दूरी पर घर होने से एस्टर-दो टावर की पांचवीं मंजिल पर रहने वाली निधि शर्मा और विराट शर्मा को चिंता सता रही है। पति-पत्नी सोने से पहले इसी बात पर विचार कर भगवान से प्रार्थना करते हैं कि सबकुछ सुरक्षित रहे। अब तक की सभी जमा पूंजी लगाकर चार वर्ष पहले ही घर खरीदा था।
घर भर जा रही धूल
उनका कहना है कि धूल के चलते बालकनी में बच्चों को नहीं जाने देते हैं। कितनी बार भी झाडू लगा लो, घर में धूल चली ही आती है। बिल्डिंग में बुजुर्ग महिला करीब एक वर्ष से बीमार हैं। स्वच्छ हवा के लिए वह घर की खिड़की खोलती तो घर में धूल भर जाती है। जेसीबी, ड्रिलिंग और मजदूरों की आवाज के चलते घर में टावर ध्वस्तीकरण प्रक्रिया के दिन से शोर बना हुआ है।
बच्चों का बंद हो गया है खेलना
निधि शर्मा के दोनों जुड़वां बच्चे सिद्धक व सिद्धिका साइकिलिंग करते थे और प्रतिदिन पार्क में खेलते थे। ध्वस्तीकरण प्रक्रिया के चलते दोनों बच्चे कोई भी शारीरिक अभ्यास नहीं कर पाते हैं। सिद्धिका बताती है कि फरवरी में पार्किंग बदल दी गई थी। इससे परेशानी होती है। बेसमेंट से आवाजाही करने में दिक्कत होती है।
मंदिर को भी उतारा
निधि शर्मा बताती हैं कि घर के मंदिर को भी दीवार से उतार लिया है। टीवी, फोटो फ्रेम, झूमर सहित दीवार और छत पर टंगे सभी सामान को सुरक्षा के मद्देनजर उतार लिया है। सोफा, बेड और किचन सहित अन्य जगह को भी घर में ढक कर ही निकलेंगे। ध्वस्तीकरण के दिन परेशानी से बचने के लिए एक दिन पहले ही सेक्टर-76 स्थित अपनी बहन के घर पर जाएंगे। सोसायटी से क्लीरेंस मिलने के बाद ही घर वापस आएंगे।
