नोएडा, जागरण संवाददाता। करोड़ों रुपये का सोना व काला धन के मामले में नई-नई बातें छन कर बाहर आ रही हैं। पांडेय पिता-पुत्र से सताए उनके यहां काम करने वाले दो कार चालकों ने उनको सबक सिखाने के लिए उनके विभिन्न ठिकानों पर आयकर विभाग से छापेमारी करवा कर मोटी रकम इनाम में हासिल करने की योजना बनाई थी। इसके लिए फरार आरोपित गोपाल से संपर्क किया था।

गोपाल ने दोनों को बताया कि उसकी बात अफसरों से हो गई है और जल्द ही पांडेय परिवार के ठिकाने पर छाप पड़ेगा। इसी बीच गोपाल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। राममणि पांडेय परिवार के यहां करीब छह साल से प्रदीप नामक कार चालक काम कर रहा था जबकि एक अन्य चालक अनिल भी कार चलाता था।

गुरुग्राम पुलिस ने जब राममणि पांडेय को गिरफ्तार किया, उसे कुछ समय पूर्व उनका बेटा किसलय भूमिगत हो गया। कार चालक अनिल ने बुरे वक्त में उसका साथ दिया, जब वह गुरुग्राम जेल में था। वह सामान आदि पहुंचाने का काम करता था। पांडेय के जेल जाने के बाद अनिल को कई माह का वेतन नहीं मिला। इस बात से वह परेशान था। वहीं दूसरा चालक प्रदीप भी पांडेय की पत्नी के व्यवहार से नाखुश था। गोपाल ने दोनों कार चालकों से कहा कि वह उस फ्लैट का पता बता दे, जिसमें काला धन रखा है।

किसलय पांडेय ने घर के बाहर लगाया था सालिसिटर जनरल का बोर्ड

किसलय पांडेय के घर के बाहर नेम प्लेट पर सालिसिटर जनरल लिखा था। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से वकालत की डिग्री हासिल करने का दावा करने वाला किसलय पांडेय मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी का रहने वाला है। पुलिस को वकालत की डिग्री भी फर्जी होने की जानकारी मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर किसलय सालिसिटर जनरल के पद का कब से प्रयोग कर रहा है। इस पद का दुरुपयोग कर कितना लाभ उठाया है। अगर डिग्री फर्जी पाई गई तो उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

योग गुरु ने किराए पर दिलाया था फ्लैट

कार चालकों ने उसे बताया कि ग्रेटर नोएडा में बुटीक चलाने वाली आरती से पांडेय की पत्नी की गहरी दोस्ती है। वह पांडेय की पत्नी की राजदार है। सिल्वर सिटी के जिस फ्लैट में काला धन रखा गया था, वहां किसी को जाने की इजाजत नहीं थी। पांडेय परिवार के एक करीबी योग गुरु, जिन पर पांडेय की पत्नी बहुत विश्वास करती थी। उस फ्लैट को योग गुरु ने ही पांडेय परिवार को किराए पर दिलवाया था। गोपाल ने आरती से संपर्क किया और फ्लैट का पता लगाया अपने दोस्तों के साथ मिलकर करोड़ों की चोरी को अंजाम दे दिया।

करोड़ों की सोना चोरी मामला

जासं, नोएडा: साढ़े छह करोड़ की नकदी व 40 किलो सोने की चोरी के मामले में जांच करते हुए पुलिस मुख्य आरोपित तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस के मुताबिक जल्द ही मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी हो सकती है, लेकिन जिस फ्लैट से नकदी व सोना चोरी हुआ था, उस फ्लैट से जुड़े राममणि पांडेय व किसलय पांडेय (पिता-पुत्र) के बारे में पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस को इतना भी पता नहीं चल सका है कि वे विदेश में हैं, या देश में ही कहीं छिपे हैं। ग्रेटर नोएडा की सिल्वर सिटी सोसायटी के फ्लैट से बीते वर्ष सित्ांंबर में हुई इस चोरी के मामले में पुलिस छह आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।

मुख्य आरोपित सहित चार फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की पांच टीमें दिल्ली-एनसीआर से लेकर मेरठ और उसके आसपास के जिलों में छापेमारी कर रही है। पुलिस को मुख्य आरोपित गोपाल के बारे में अहम जानकारी मिली है। इस आधार पर उसकी जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। हालांकि पांडेय पिता पुत्र के बारे में पुलिस को अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। इस समय दोनों कहां और कब से गायब हैं, इस बारे में कोई सटीक जानकारी पुलिस को नहीं है।

हिरासत में लिए गए कई लोग

गिरफ्तार आरोपितों से चोरी का सोने व नकदी लेने वाले कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे चोरी किए गए सोने की बरामदगी हो सके। वहीं मुख्य आरोपित सहित फरार चार आरोपितों के गिरफ्तार होने के बाद पुलिस को करीब 15-20 किलो सोना और बरामद किए जाने की उम्मीद है। हालांकि कितना सोना और कितनी नकदी बरामद हो सकेगी, यह तो फरार आरोपितों के पुलिस पकड़ में आने के बाद ही पता लगेगा।

किसलय पांडेय को भगोड़ा घोषित कराने की तैयारी

जासं, गुरुग्राम: कभी पुलिस तो कभी आयकर अधिकारी बनकर विभिन्न कंपनियों से करोड़ों रुपये वसूलने के आरोपित डॉ.किसलय पांडेय को कोर्ट से भगोड़ा घोषित कराने की तैयारी उद्योग विहार थाना पुलिस ने शुरू कर दी है। रेड कार्नर नोटिस जारी होने के बाद भी किसलय पुलिस की पकड़ से बाहर है।

कभी दुबई, थाईलैंड तो कभी किसी और देश में होने की सूचना सामने आती है। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में फ्लैट से करोड़ों की चोरी के मामले को लेकर उसके बारे में जानकारी लेने मंगलवार को नोएडा पुलिस भी यहां पहुंची थी। गुरुग्राम के उद्योग विहार थाने में चार जून 2019 को एक मामला दर्ज हुआ था। रियल एस्टेट सेक्टर व निजी फाइनेंस कंपनी इंडिया बुल्स ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ 10 करोड़ रुपये की डिमांड करने का मामला दर्ज कराया था।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari