नोएडा, जागरण संवाददाता। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय अब नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे के बाद एनसीआर में नौ लाजिस्टिक पार्क दो चरणों में बनाने जा रहा है। वर्ष 2025 तक पहले चरण में पांच लाजिस्टिक पार्क और दूसरे चरण में वर्ष 2026 तक चार लाजिस्टिक पार्क का निर्माण करने का लक्ष्य है। लाजिस्टिक पार्क वस्तुओं, खाद्य और अन्य सामग्रियों को स्टोर करने का आधुनिक सिस्टम है।

देश के अन्य हिस्सों से माल लाकर यहां स्टोर होता है। इसमें कोल्ड स्टोरेज की सुविधा भी होती है। इससे स्थानीय स्तर पर सामान की आपूर्ति आसानी से हो सकती है। एसकेए ग्रुप के निदेशक संजय शर्मा ने बताया कि लाजिस्टिक हब बनने से क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। इसे पूरा करने में रियल एस्टेट सेक्टर की एक बड़ी हिस्सेदारी होगी, क्योंकि क्षेत्र में आवासीय, व्यवसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नए प्रोजेक्ट लांच हो सकते हैं। उधर, सीआरसी ग्रुप को-फाउंडर और सीईओ कुनाल भल्ला ने कहा कि लाजिस्टिक पार्क के आने से एनसीआर क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होंगे।

इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रोजगार बढ़ने से यहां आवासीय प्रोजेक्ट के साथ-साथ व्यावसायिक परियोजनाओं की भी मांग बढ़ेगी। गुलशन होम्ज के निदेशक दीपक कपूर का कहना है कि लाजिस्टिक पार्क के आसपास आवासीय और व्यावसायिक की मांग बढ़ेगी। इसे एक सुनहरे अवसर की तरह देखा जाना चाहिए। इनवेस्टर्स और यूजर दोनों ही यहां पर निवेश पर जोर देंगे। स्पेट्रम मेट्रो के वीपी सेल्स एवं मार्केटिंग अजेंद्र सिंह ने बताया कि एनसीआर में नौ लाजिस्टिक्स पार्क बनने से यहां व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा रिटेल रियल एस्टेट को होगा, क्योंकि रिटेल और लाजिस्टिक का सीधा संबंध है।

Edited By: Kundan Tiwari