दनकौर, जागरण संवाददाता। दनकौर कोतवाली क्षेत्र के रोशनपुर गांव की रहने वाली दलित महिला की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम सदर व वर्तमान में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी रजनीकांत, तहसीलदार अखिलेश सिंह व विनय भदौरिया समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। आरोप है कि जातिगत रंजिश रखते हुए अधिकारियों ने महिला का नाम मतदाता सूची से हटा दिया।

कोर्ट के आदेश पर जांच में जुटी पुलिस

महिला मतदान करने से वंचित रह गई। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। रोशनपुर गांव की रहने वाली महिला हेमलता का कहना है कि वह अनुसूचित जाति की महिला है। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची तैयार करनी थी।

मतदाता सूची बनाये जाने के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिये गए आदेशानुसार मृतक अथवा अस्थाई निवासी जो निवास छोड़कर चला गया हो और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम ही मतदाता सूची से हटाए जाने थे। महिला रोशनपुर गांव की मूल निवासी है और जीवित है। साथ ही विगत वर्षों से अपने मतदान के अधिकार का उपयोग भी करती चली आ रही थी।

जातिगत रंजिश के चलते काटे गए नाम

आरोप है कि पीड़िता से जातिगत रंजिश रखते हुए अधिकारियों ने उसका नाम मतदाता सूची से काट दिया। संवैधानिक अधिकार के लिए महिला ने कोर्ट की शरण ली। दनकौर कोतवाली प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि धोखाधड़ी समेत कई अन्य धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं रजनीकांत, ओएसडी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (तत्कालीन एसडीएम सदर) ने बताया कि महिला के फोटो का प्रयोग दो मतदाता पहचान पत्र में किया गया था। इस वजह से मतदाता सूची से उसका नाम काटा गया था। 

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Edited By: Shyamji Tiwari

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