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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बिल्डरों को चेतावनी, मार्च तक मेंटेनेंस के सभी मसले सुलझाएं

By Arpit TripathiEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Thu, 14 Dec 2023 08:53 AM (IST)

ग्रेटर नोएडा में बिल्डर व अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की तरफ से फ्लैट खरीदारों का हक दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा ...और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बिल्डरों को चेतावनी, मार्च तक मेंटेनेंस के सभी मसले सुलझाएं
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बिल्डरों को चेतावनी, मार्च तक मेंटेनेंस के सभी मसले सुलझाएं

HighLights

  1. बिल्डर-बायर्स के बीच विवादों को सुलझाने के लिए गठित समिति ने की बैठक
  2. एसडीएस इंफ्राटेक, नंदी इंफ्राटेक, हवेलियां बिल्डर्स, सुपरटेक व रुद्रा बिल्डवेल की हुई बैठक

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बिल्डर व अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन की तरफ से फ्लैट खरीदारों का हक दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से गठित समिति ने मंगलवार को बैठक की। बैठक में प्राधिकरण, क्रेडाई और फ्लैट खरीदारों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने, सोसायटी में एओए का गठन, सोसायटी का आइएफएमएस फंड का हस्तांतरण, बार के नाम प्लेटों की रजिस्ट्री फायर सिस्टम को दुरुस्त कराने आदि मसलों का हल निकालने पर चर्चा हुई। क्रेडाई ने भी इन मुद्दों को शीघ्र हल कराने का आश्वासन दिया है। समिति की अगली बैठक तीन जनवरी को होगी।

ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रही हैं करीब 200 सोसायटियां

ग्रेटर नोएडा में करीब 200 सोसायटियां विकसित हो रही हैं। इनमें तमाम ऐसी हैं, जिनके निवासियों व बिल्डर या अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच विवाद होते रहते हैं। कभी बायर्स के पक्ष में रजिस्ट्री न होने को लेकर, ट्रांसफर मेमोरंडम के लिए एनओसी जारी न करने पर तो कभी सोसायटी में एओए के गठन को लेकर अथवा कभी सोसायटी के आइएफएमएस फंड का हस्तांतरण न किए जाने पर विवाद होता रहता है।

इन विवादों को शीघ्र निस्तारित करनेे के लिए प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति गठित कर दी। शेष आठ सदस्य नामित किए गए हैं, जिनमें प्राधिकरण के अधिकारियों के अलावा क्रेडिट के प्रतिनिधि शामिल हैं।

समिति की पहली बैठक 21 नवंबर को हुई थी और मंगलवार को दूसरी बैठक हुई , जिसमें एसडीएस इंफ्राटेक, नंदी इंफ्राटेक हवेलिया बिल्डर्स, सुपरटेक ईको विलेज वन और रुद्रा बिल्डवेल के प्रोजेक्ट से जुड़े विवादों को सुलझाने पर चर्चा की गई।

एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि सेक्टर ओमेगा दो स्थित एसडीएस इंफ्राटेक के प्रोजेक्ट एनआरआइ रेजिडेंसी सोसायटी में लिफ्ट की समस्या सामने आई, जिसे शीघ्र हल करने के निर्देश दिए गए हैं। एओए को समिति हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी फरवरी तक पूरी करने को कहा गया है। नंदी इंफ्राटेक के सेक्टर 10 स्थित अमात्रा होम्स में फ्लैट खरीदारों ने रजिस्ट्री का मुद्दा उठाया।

बैठक में उठा अवैध निर्माण को तोड़ने का मसला

बिल्डर को आक्युपेंसी सर्टिफिकेट जल्द लेकर रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए। लिफ्ट की समस्या यहां भी सामने आई, जिसको शीघ्र हल करने को कहा। हवेलिया बिल्डर के खरीदारों ने एओए गठित न किए जाने और सोसायटी में अवैध निर्माण को तोड़ने का मसला उठाया।

समिति ने बिल्डर को फरवरी तक चुनाव कराने और एओए गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध निर्माण को भी शीघ्र तोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह सुपरटेक ईको विलेज वन की लिफ्ट की समस्या और रुद्रा बिल्डवेल के केबीनोज फ्लैट बायर्स ने रजिस्ट्री का मुद्दा उठाया।

बिल्डर ने समिति को बताया कि आक्युपेंसी सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही रजिस्ट्री भी शुरू हो जाएगी। बैठक में क्रेडाई से गीतांबर आनंद, दिनेश गुप्ता, सुबोध गोयल, सुशांत गुप्ता और संजय राणा के अलावा प्राधिकरण के नामित अधिकारियों ने हिस्सा लिया।