ग्रेटर नोएडा, जागरण संवाददाता। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर दलालों ने चांदी काटना शुरू कर दिया है। एयरपोर्ट के अर्थवर्क के नाम पर पांच सौ करोड़ रुपये के कार्य का फर्जी पत्र एक कंपनी को जारी कर दिया। यह पत्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के नोडल अफसर के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किया गया है। पत्र पर प्रदेश सरकार का राजकीय प्रतीक चिह्न व नियाल का लोगो भी अंकित है। फर्जी पत्र जारी करने वाले के खिलाफ यमुना प्राधिकरण के एसीईओ ने बीटा दो कोतवाली में तहरीर दी है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण कार्य का ठेका पाने के लिए होड़ मची हुई है। अधिकारियों से लेकर नेताओं की सिफारिश कराई जा रहीं है। पहले चरण में करीब पांच हजार करोड़ की लागत से बनने वाले एयरपोर्ट में चांदी काटने के लिए दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। दलालों ने दो कदम आगे जाकर फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश के अनूपपुर के पते पर दर्ज एक फर्म को एयरपोर्ट में ठेके का फर्जी पत्र भी जारी कर दिया। यह पत्र बीस मार्च को नियाल के नोडल अफसर के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किया गया है।

पत्र के मुताबिक फर्म को पांच हजार एकड़ भूमि पर अर्थ वर्क सौंपा गया है। पांच सौ करोड़ के कार्य को पूरा करने के लिए दस माह का समय दिया गया है। इसमें दो माह की बढ़ोतरी हो सकती है। कार्य के लिए बिजली, पानी की सप्लाई की जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होने और कार्य को दूसरी किसी फार्म को हस्तांतरित न करने जैसी शर्त भी पत्र में शामिल की गई है। फर्म को जारी वेलकम लेटर में साठ दिन में जमीन पर कब्जा देने का वादा किया गया है।

पत्र सामने आने के बाद जहां ठेका पाने की होड़ में लगे दूसरे लोगों में खलबली मच गई है। वहीं नियाल अधिकारियों की भी नींद उड़ गई है। पत्र जारी करने वाले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई के लिए बीटा दो कोतवाली में शिकायत दी गई है।

जांच में ऐसे पाया गया पत्र फर्जी

नोएडा एयरपोर्ट का पहला चरण 1,334 हेक्टेयर यानी करीब 3,300 एकड़ में है, जबकि जारी पत्र में पांच हजार एकड़ में कार्य का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा एयरपोर्ट के निर्माण के लिए नियाल की ओर से किसी तरह के कार्य का ठेका जारी भी नहीं होना है। इस आधार पर पत्र फर्जी पाया गया है।

नियाल के अधिकारी पहले कर कर चुके हैं सचेत

एयरपोर्ट में ठेका पाने को लेकर सिफारिश व दलालों के चंगुल में न फंसने को लेकर नियाल अधिकारी पहले ही सचेत कर चुके हैं। कुछ माह पहले नियाल सीईओ ने कार्यालय पर नोटिस भी चस्पा कराया था। इसमें स्पष्ट किया गया था कि नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण विकासकर्ता कंपनी द्वारा किया जाएगा। निर्माण एजेंसी का चयन भी विकासकर्ता कंपनी करेगी। इसलिए नियाल में ठेके के लिए सिफारिश न करें।

डॉ. अरुणवीर सिंह (सीईओ यमुना प्राधिकरण व नियाल) का कहना है कि नोएडा एयरपोर्ट में कार्य के लिए एक फर्म को नियाल का फर्जी पत्र जारी हुआ है। इसे जारी करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बीटा दो कोतवाली में शिकायत दी गई है। लोगों से अपील है कि एयरपोर्ट में ठेका पाने के लिए किसी के झांसे में न आएं।

Edited By: Jp Yadav